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धमतरी : लक्षण को छुपाना नहीं, बताना है-कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य

November 18th, 2020 17:18 IST
धमतरी : लक्षण को छुपाना नहीं, बताना है-कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य

डिजिटल डेस्क, धमतरी। कोरोना के लिए ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा आई.ई.सी. कैम्पेन धमतरी कोविड 19 के संक्रमण से बचाव और बीमारी से मृत्यु का आंकड़ा कम करने के लिए जरूरी है कि लोगों में जागरूकता हो कि, सर्दी-खांसी और बुखार होने पर छुपाना नहीं, बताना है। कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य ने आज शाम पांच बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, स्वास्थ्य अमला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर इसके लिए आवश्यक कार्य करने तथा आई.ई.सी.कैम्पेन चलाने पर बल दिया है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में सरपंच, पंच, रोजगार सहायक, पटवारी, ए.एन.एम., मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर संकल्प लेने पर जोर दिया है कि संबंधित पंचायत के ऐसे सभी व्यक्ति जिन्हें सर्दी-खांसी और बुखार है, उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायतों में कोरोना बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु लिए जाने वाले संकल्प संबंधी पत्र प्रेषित करें। उन्होंने साथ ही हर पंचायत तथा नगरीय निकाय के वार्डवार नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं, जो कि यह सुनिश्चित करेंगे कि सर्दी-खांसी और बुखार के शत्-प्रतिशत लोगों का कोरोना जांच किया जा रहा है। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि 50 साल से अधिक उम्र के सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों का एंटीजन टेस्ट के साथ-साथ आरटीपीसीआर/ट्रू नाॅट टेस्ट भी अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके अलावा सिम्टोमेटिक वनरेबल (अति संवेदनशील) तथा संक्रमित व्यक्ति के प्रायमरी काॅन्टेक्ट की अनिवार्य रूप से जांच सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि भीड-़भाड़ वाले इलाकों में मास्क अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसके अलावा पोस्ट कोविड काउंसिलिंग पर भी कलेक्टर ने बैठक में बल दिया है। उन्होंने इसके मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि 50 साल से अधिक उम्र के ऐसे सभी कोरोना धनात्मक व्यक्तियों के डेटाबेस तैयार रख उनकी काउंसिलिंग करें, जिन्हें कोमाॅर्बिडिटी है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।