दैनिक भास्कर हिंदी: खदान के पानी में डूबा डोजर, बाल-बाल बचा ऑपरेटर

May 29th, 2018

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली (गोरबी)। बीती शाम गोरबी ब्लॉक बी परियोजना में एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, लेकिन इस दुर्घटना में परियोजना प्रबंधन को तकरीबन 30 लाख रुपए का नुकसान तो हुआ ही है। बताया जा रहा है कि बीती शाम तकरीबन 5 बजे BEML कंपनी का एक डोजर क्रमांक 1177 प्वाइंट नम्बर 10 पर था। तुर्रा साइडिंग पर ऑपरेटर देवधारी इसे ऑपरेट कर रहे थे, जिसका निर्देशन वहां पर ऑन ड्यूटी अंडर मैनेजर व ओवरमैन कर रहे थे।

इन्हीं अधिकारियों के इशारे पर डोजर को स्पॉट पर लाया जा रहा था, लेकिन डोजर के आने के रास्ते में ही पानी की मात्रा अधिक होने के कारण वह डूबने सा लगा। देखते ही देखते डोजर के इंजन के ऊपर तक पानी आ गया, जिससे ऑपरेटर ने नियंत्रण खो दिया और वह अपनी जान बचाने के लिये डोजर से कूद पड़ा। इस दुर्घटना में ऑपरेटर तो बाल बाल बच गया लेेकिन डोजर जहां का तहां रह गया। इसके इंजन व महत्वपूर्ण हिस्सों में पानी भर गया, जिससे उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

घटना की जानकारी होने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उसे वहां से निकालने के उपाय शुरू कर दिए गए, लेकिन गहराई तक पानी होने के कारण इसे निकाला नहीं जा सका।

दोषियों की हो रही जांच
बताया जा रहा है कि इंजन में खराबी आ जाने के कारण इसे फिर से रिपेयर किये बिना चालू कर पाना मुश्किल है। इस इंजन की कीमत लगभग 50 लाख बताई जा रही है जिसकी रिपेयरिंग में दो से तीन महीने का समय लग सकता है, साथ ही परियोजना को 20 से 25 लाख रुपए इसकी मरम्मत में खर्च करने पड़ सकते हैं। इस दुर्घटना में माइनिंग विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।

प्रभावित हो गया कार्य
सूत्रों की मानें तो परियोजना के पास महज 8 डोजर हैं जिसमें 5 डोजर मेंटेनेंस में चल रहे थे। महज तीन डोजर के बदौलत परियोजना में कोयला उत्खनन किया जा रहा था। डोजर के जरिए जमा हुआ कोयला या ओबी अथवा कोई भी अवरोध हटाकर कोयले के उत्खनन का कार्य सुगम किया जाता है। जिससे अन्य बड़ी मशीनें अथवा हॉलपैक या डम्पर आसानी से प्वाइंट तक पहुंच जाये। इस डोजर के जलमग्न होने से यह भी ब्रेकडाउन हो गया है जिससे खनन कार्य प्रभावित हो गया है।