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किसान ने सल्फास खाकर की आत्महत्या की कोशिश-साहूकार ने हड़प ली जमीन

किसान ने सल्फास खाकर की आत्महत्या की कोशिश-साहूकार ने हड़प ली जमीन

डिजिटल डेस्क छतरपुर/ नौगांव । नौगांव के तहसील परिसर में शुक्रवार की दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तहसील परिसर में एक किसान ने सल्फास की गोली का सेवन कर जान देने की कोशिश की। सल्फास का सेवन करने वाले किसान किशोरीलाल रैकवार पिता जयराम रैकवार उम्र 46 साल निवासी टीला को तहसील में मौजूद अधिवक्ताओं ने आनन फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव पहुंचाया। नौगांव में किसान को प्राथमिक उपचार देने के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि किसान ने यह आत्मघाती कदम इस लिए उठाया कि उसकी गिरवी रखी पुश्तैनी जमीन की कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। जमीन की रजिस्ट्री करवाने की जानकारी जब किसान को लगी तो वह अपनी शिकायत लेकर पिछले एक सप्ताह से तहसील कार्यालय के अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था, लेकिन जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसने सल्फास का सेवन कर जान देने की कोशिश की।
क्या है मामला 
 दरअसल टीला निवासी
किसान किशोरीलाल रैकवार ने पैसे की आवश्यकता पडऩे पर अपनी पांच बीघा पुश्तैनी जमीन पांच लाख रुपए में प्रबल यादव, बबलू यादव, गुमंडी यादव पिता कालचरण यादव के पास रखी थी। दोनों लोगों के बीच तय हुआ था कि जब किशोरीलाल के पास पैसे होंगे तो वह पांच लाख रुपए देकर गिरवी रखी जमीन को मुक्त करवा लेंगे। इसी बीच यादव परिवार के लोगों ने फर्जी तरीके से किशोरीलाल की गिरवी रखी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। जमीन की रजिस्ट्री होने की जानकारी जब किशोरीलाल को लगी तो वे पैसों का इंतजाम कर यादव परिवार के लोगों के पास जमीन को मुक्त कराने के लिए पहुंचे। लेकिन यादव परिवार के लोगों ने किसान किशोरीलाल की एक नहीं सुनी। थकहार कर किशोरीलाल शिकायत लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। जिससे परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। 
बेटे के सामने पिता ने खाया जहर
शुक्रवार को किसान किशोरीलाल अपने बेटे के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे थे। सुबह से दोपहर तक वे तहसील कार्यालय में तहसीलदार और एसडीएम के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन दोनों अधिकारी शासकीय कार्य से तहसील से बाहर थे, जिसके चलते किशोरीलाल की मुलाकात अधिकारियों से नहीं हो सकी। काफी इंतजार करने के बाद जब अधिकारी नहीं मिले तो किसान के सब्र का बंध टूट गया और उसने तहसील परिसर में ही अपने बेटे के सामने सल्फास का सेवन कर लिया। पिता द्वारा सल्फास का सेवन किए जाने के बाद बेटा बचाव के लिए गुहार लगाने लगा। बेटे की गुहार सुनकर अधिवक्ताओं ने किसान को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। किसान द्वारा सल्फास खाए जाने की सूचना मिलने पर नौगांव थाना प्रभारी राकेश साहू और तहसीलदार बीपी सिंह अस्पताल पहुंचे और किसान के बयान दर्ज किए।
पीडि़त किसान ने अपनी भूमि गिरवी रखी थी ओर गिरवीनामा पर रजिस्ट्री करवायी गयी। किसान के बयान के अनुसार दोनों में यह तय हुआ था कि जब रुपए वापस करेेंगे तो जमीन  के कागज भी दे दिए जाएंगे। लेकिन चार दिन से किसान रुपए लेकर कागज के लिए चक्कर लगा रहा था, जब उसकी जमीन नहीं मिली तो आहत होकर उसने सल्फास खा लिया। यह मामला मेरे संज्ञान में पहले नहीं आया था। बयान के आधार पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवई की जाएगी
-वीपी सिंह, तहसीलदार, नौगांव
पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताडऩा देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जांच में ही स्पष्ट होगा कि दोनों लोगों के बीच जमीन गिरवी रखते समय क्या करारनामा हुआ था।
-राकेश साहू, थाना प्रभारी, नौगांव
 

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