दैनिक भास्कर हिंदी: पूर्व और मौजूदा प्रभारी DEO में ठनी, कुर्सी के लिए जोर अजमाईश का खेल जारी

July 31st, 2018

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली (वैढ़न)। अपने नियमित उम्मीदवार की बांट जोह रही जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी के लिए जंग जारी है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी हो या मौजूदा, दोनों ही अपने-अपने समय में पूरी ताकत का उपयोग कर एक-दूसरे पर हावी होने की जोर-आजमाइश में जुटे रहते हैं। लेकिन इन दोनों की इस उठापटक में अक्सर बली का बकरा बनते हैं विभागीय लोग। जो कभी कामकाज तो कभी चापलूसी के बल पर प्रभार में रहने वाले जिला शिक्षा अधिकारी के चहेते बने रहते हैं। साथ ही इससे विभागीय कामकाज भी काफी हद तक प्रभावित होता है। जिसका असर कहीं न कहीं जिले की स्कूल शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ता है।

आलम यह है कि विभाग में मचे इस घमासान को लेकर विभाग के लोग भी दबी जुबान से बताते हैं और खुलकर बताने से कतराते हैं कि कहीं उनकी नौकरी पर संकट न आ जाए। नाम न छापने की शर्त पर विभाग के कुछ लोग इन दिनों हुई कार्रवाई को लेकर बताते हैं कि डीईओ अपने प्रतिद्वंदियों को चुन-चुनकर कार्रवाई करने में लगे हुए हैं। वहीं विरोधी भी उनके खिलाफ मुखर होते हुए कोई मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहते हैं। इसी कड़ी में एक ताजा मामला सामने आया है, जिसमें प्रभारी डीईओ आरपी पांडेय के विरूद्ध खम्हरिया प्रधानाचार्य ने मानवाधिकार में शिकायत कर आरोप लगाया है।

आरोप है कि विगत 4 जनवरी को प्राचार्यो की एक बैठक में प्रभारी डीईओ श्री पांडेय ने उसके साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था। इसलिए इनके विरूद्ध अनुशानात्मक कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि प्रभारी डीईओ श्री पांडेय पद से हटाए जाने के बाद आरके दुबे को डीईओ का प्रभार मिला था। उस समय उन्होंने अपने दो जानने वालों का स्थानान्तरण मनचाहे जगह पर किया था। कुछ माह पूर्व जब श्री पांडेय को पुन: डीईओ का प्रभार मिला तो उन्होंने सबसे पहले पूर्व प्रभारी डीआई श्री दुबे द्वारा लिए गए फैसलों पर कार्रवाई करना शुरू किया। बताया जाता है इसी क्रम में उन्होंने स्थानातंरण को अवैधानिक करार देते हुए कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया था और तभी से श्री पांडेय भी श्री दुबे के पीछे लगे हुए बताए जाते हैं।

अधिकारियों का दबाव विपक्षियों पर
बताया जाता है कि इस समय प्रभारी डीईओ श्री पांडेय की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर से लेकर जिला पंचायत सीईओ तक नाराज चल रहे हैं। विगत दिनों कलेक्टर अनुराग चौधरी शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नौगढ़ का निरीक्षण किया था। वहां पर उन्होंने काफी खामियां पाई थी। ड्यूल डेस्क उपलब्ध होने के बाद भी सभी छात्र-छात्राएं एक ही कमरे में चाट पर बैठ कर पढ़ रहे थे। इसके अलावा स्कूल में रैंप भी नहीं बना था। जबकि कलेक्टर निर्माण हेतु पहले ही निर्देश जारी किया था। इसके अलावा छात्रों की पढ़ाई गुणवत्ता भी खराब मिली थी। उस समय तो कलेक्टर ने संबंधितों सहित डीईओ का 2 वेतन वृद्धि रोकने का निर्देश दिया था। लेकिन बाद में उस प्रकरण को टीएल बैठक में शामिल कर लिया था। जिसको लेकर सोमवार कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था।

पोर्टल पर जानकारी दर्ज के  बाद भी हुई कार्रवाई
गयासुद्दीन ने बताया कि पोर्टल पर हमने सारी जानकारी फिड कर दी थी। इसके बावजूद मेरे द्वारा मानवाधिकार आयोग में की गई शिकायत का बदला लेने के लिए वेतन रोकने की कार्रवाई किए हैं।