दैनिक भास्कर हिंदी: पूर्व नक्सली बासमती कोल की हत्या, मुलायम ने माना था दत्तक पुत्री

May 11th, 2018

डिजिटल डेस्क  सोनभद्र। जनपद की सीमा से सटे नौगढ़ के जंगलों सहित पूरे चंदौली जनपद में बीते कई सालों पहले तक आतंक का पर्याय माने जाने वाली नक्सली व पूर्व महिला आयोग की सदस्य बासमती कोल का शुक्रवार की सुबह तेंदुआन जंगल में हत्या किए जाने की सूचना पूरे क्षेत्र में जंगल में आग तरह फैल गई। सूचना मिलते ही पूरे जनपद में खलबली मच गई। जिसके बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खबर लिखे जाने तक शव को चंदौली मुख्यालय भेज दिया गया था।

सूत्रों के अनुसार गुरूवार की शाम को बासमती कोल का तेंदुआन जंगल में स्थित अपने झोपड़ी में साथियों के साथ खाना खाने के पूर्व ही किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। मारपीट के दौरान लाठी से नक्सली के सिर पर गंभीर चोट लग गई, जिसके बाद मारपीट करने वाले साथी वहां से फरार हो गए। घटनास्थल पर पहुंचे सीओ नौगढ़ ने बताया कि घटनास्थल के पास से खून से सनी हुई लाठी बरामद हुई है साथ ही पूरी घटना के चश्मदीद गवाह युवक से पूछताछ जारी है।

मुलायम यादव ने माना था दत्तक पुत्री 
शव को पोस्टमार्टम हेतु सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया भेज दिया गया है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने नक्सलवाद को कम करने के लिए हार्डकोर नक्सली को एक चुनावी सभा के दौरान अपनी दत्तक पुत्री माना था। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में इन्हें महिला आयोग का सदस्य भी नामित किया गया था। यह भी बता दें कि बासमती कोल नौगढ़ के जंगल में चप्पे-चप्पे से वाकिफ थी। इनके राजनीति में आने से काफी हद तक नौगढ़ नक्सली गतिविधियों से शांत हो गया। 

कुल्हाड़ी से हमलाकर अधेड़ की हत्या  
गुरूवार को गढ़वा थाना के नौडिहवा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम लोदहा में एक 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति पर कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात दोपहर करीब 12 बजे की है और मृतक का नाम रामधनी विश्वकर्मा पिता वैजनाथ निवासी लोदहा बताया जाता है। रामधनी की हत्या तब हुई, जब वह गांव के ही ललन बैगा की जमीन पर लकड़ी चीर रहा था। तभी जमीन मालिक ललन का भतीजा प्रेमलाल बैगा पिता रामलाल 30 वर्ष मौके पर तमतमाते हुए पीछे तरफ से पहुंचा। उसके हाथ में कुल्हाड़ी थी और इस दौरान दोनों के बीच कुछ कहा-सुनी भी हुई। फिर अचानक पता नहीं क्या हुआ कि प्रेमलाल ने कुल्हाड़ी से सामने खड़े रामधनी पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

कुल्हाड़ी रामधनी के गर्दन पर लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात से गांव में हडकंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की खासी भीड़ इकठ्ठा हो गई। वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमलाल बैगा मौके से भाग निकला। वारदात की जानकारी मिलते ही मृतक रामधनी के परिजन भी भागे-भागे मौके पर आ पहुंचे। खून में लथपथ जमीन पर पड़े रामधनी को देखकर सभी चिल्ला-चिल्ला कर रोने लगे। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई।