आश्वासन के बाद लौटे ग्रामीण: कन्नड़-वैजापुर सड़क मरम्मत के लिए चार घंटे किया जलसमाधि आंदोलन

September 26th, 2022

डिजिटल डेस्क, औरंगाबाद । कन्नड एवं वैजापुर तहसील के सीमांचल क्षेत्र में मनेगांव फाटा से सहानगांव तक सड़क की स्थिति कई सालों से दयनीय बनी हुई है। इसकी मरम्मत की मांग  ग्रामीण पिछले कई सालों से कर रहे हैं, पर किसी भी दल के प्रतिनिधियों ने अब तक ध्यान नहीं दिया। इससे क्षुब्ध सहानगांव के ग्रामीणों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए खारी खामगांव बांध में छलांग लगाकर करीब चार घंटे तक अनूठा जलसमाधि आंदोलन किया। जिला परिषद के अधिकारियों के आश्वासन देने के बाद आंदोलन खत्म हुआ। 

बताया जाता है कि आंदोलन के बावजूद इनकी सुध लेने के लिए कोई भी प्रतिनिधि आंदोलनस्थल पर नहीं आया था। केवल पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव यहां पहुंचे और उनकी व्यथाएं सुनीं। इसकी भनक जिला परिषद के निर्माण कार्य विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को लगने के बाद आंदोलन स्तर पर पहुंचे। करीब ढाई किमी के इस सड़क के निर्माण के लिए वर्ष 2001 से 2021 तक अधिकारी केवल यह कहकर टालते रहे कि सड़क विकास योजना में यह शामिल नहीं होने के चलते कार्य नहीं किया जा सका है। अगर मरम्मत करनी है, तो जिप के निर्माण कार्य विभाग के जरिए सड़क विकास योजना में इसे शामिल करना होगा। ग्रामीणों ने जब इस सड़क के काम के लिए जिप निर्माण काम विभाग से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने कहा कि यह सड़क उप विभाग कन्नड़ के कार्यक्षेत्र में आती है। इसलिए संबंधित विभाग से संपर्क करें, पर उक्त कार्य के लिए कन्नड़ के प्रतिनिधियों ने भी कोई ध्यान नहीं दिया।  

पांच किमी रोड चकाचक बनाने का वादा

आंदोलनस्थल पर हर्षवर्धन जाधव के पहुंचने के बाद अधिकारियों में थोड़ी हलचल हुई। हालांकि, ग्रामीणों ने जानदेकर बांध में छलांग लगाई, इस पर भी प्रशासनिक अधिकारी टस से मस नहीं हो रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि जाधव मौके पर पहुंच चुके हैं, वे हरकत में आ गए। जाधव ने आंदोलन स्थल से जिप के कार्यकारी अभियंता विजय डहाके को फोन लगाया। डहाके ने उन्हें आश्वस्त किया कि दो दिनों के भीतर वह एस्टीमेट पेश तैयार करवाएंगे। इस समय यहां जिप निर्माण कार्य विभाग के अभियंता बलखंडे ने शरद गायके, प्रशांत नलावड़े, कमलाकर धाटबले, किशोर धाटबले, पुंडलिक धाटबले, ज्ञानेश्वर नलावडे व ग्रामीणों को जो आंदोलन कर रहे थे से कहा कि जाधव की कार्यकारी अभियंता से बातचीत हो चुकी है। पांच किमी तक सड़क बनाने के लिए दो दिनों में एस्टीमेट तैयार कर पेश किया जाएगा। इस बाबत लिखित आश्वासन दिया। आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटे इसके लिए देवगांव रंगारी पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक अमोल मोरे के मार्गदर्शन में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे।

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