दैनिक भास्कर हिंदी: पर्यटन के लिए आई युवती के साथ गैंगरेप

April 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली (वैढ़न)। पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध माड़ा की गुफाएं घूमने गयी युवती के साथ गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शर्मनाक बात यह है कि पुलिस पूरे मामले को दबा कर रखा और जब दबाब बढ़ा तभी अपनी सक्रियता दिखाई। वारदात करीब 5 दिन पहले की देर शाम की बतायी जा रही है। जयंत निवासी एक युवती सिंगरौली निवासी अपने एक मित्र के साथ बाइक पर घूमने गई थी। दोनों को माड़ा से लौटते में काफी देर हो गई थी और देर शाम करीब 6-7 बजे अंधेरा होते-होते वह जब ग्राम बनौली के पास पहुंचे थे, तो वहां लघुशंका के लिए रुके थे। सड़क के किनारे गए तो, दो अज्ञात लोगों ने युवक-युवती को पकड़कर लूटपाट करने की कोशिश की। दोनों के मोबाइल, पर्स, पैसे समेत अन्य सामग्री लूट ली थी। विरोध करने पर दोनों अज्ञात युवक उन दोनों पर हावी हो गए । मौका मिलते ही युवती वहां से सड़क की ओर भाग खड़ी हुई। यह देखकर अज्ञात युवकों में से एक युवक ने युवती को दौड़कर पकड़ लिया और दोनों अज्ञात युवकों ने एक-एक कर युवती के साथ दुराचार किया।

युवक ने डायल 100 से मांगी थी मदद
युवती के साथ गैंगरेप की वारदात को जब दोनों आरोपी अंजाम दे रहे थे, उसी दौरान युवती के साथी ने डायल 100 को फोन लगाकर मदद मांगी। जिसके बाद दोनों अज्ञात युवक युवक-युवती को धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने पीडि़ता को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और पीड़ितों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 376 (2), 376(डी), 341 और 392 के तहत मामला दर्ज किया।  

आरोपी गिरफ्तार पर अभी शिनाख्त बाकी
मंगलवार को पुलिस ने मामले को लेकर जानकारी जारी की है कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जाता है दोनों आरोपी में एक 28 व दूसरा 24 वर्ष का है। दोनों ग्राम बनौली के रहने वाले हैं और वह भागने की फिराक में थे। इसी बीच उनकी तलाश में जुटी पुलिस ने दोनों को मंगलवार को अमिलवान से सुबह करीब 4 बजे गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी नहीं मिलते तो दबा देते मामला
हैरान करने वाली बात यह है कि इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने आरोपियों पर मामला तो जरूर दर्ज कर लिया था, लेकिन मामले को पूरी तरह से दबा रखा था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माड़ा पुलिस ही नहीं पुलिस महकमे के स्थानीय वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले को लेकर चुप्पी साधने का फरमान दे दिए थे। ताकि, पिछले दिनों जिले की बागडोर संभालने वाले पुलिस कप्तान के कार्यकाल की शुरूआत में इस वारदात से खाकी छवि धूमिल न होने पाए।