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 फांसी पर झूलता मिला युवक शव, आक्रोषित भीड़ ने TI से की हाथापाई, जन बचाकर भागी पुलिस

June 18th, 2018 20:38 IST
 फांसी पर झूलता मिला युवक शव, आक्रोषित भीड़ ने TI से की हाथापाई, जन बचाकर भागी पुलिस

डिजिटल डेस्क, रीवा। यहां अकोनी गांव में तीन लोगों ने एक युवक से मारपीट की थी जब यह युवक घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने पहुंचा तो पुलिस वालों ने उसे डपटकर भगा दिया। दूसरे दिन इसी युवक का शव पेड़ पर लटका मिला जिससे ग्रामीणों का आक्रोष फूट पड़ा और उन्होंने उग्र रूप धारण कर लिया। आक्रोश इस कदर बढ़ा कि मौके पर पहुंचे TI से हाथापाई शुरू हो गई। यहां से TI को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अकौनी गांव में रहने वाले राजोल कोल पुत्र मोहन 23 का शव सोमवार की सुबह घर से कुछ दूरी पर एकांत स्थान में पेड़ पर झूलता मिला। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। मृतक के शरीर में चोट के कई निशान होने पर लोगों ने हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। मौके पर पहुंचे TI को देखते ही आक्रोशित भीड़ ने हाथापाई शुरू कर दी। सेमरिया TI सुनील गुप्ता को मौके से जान बचाकर भागना पड़ा। TI पर आरोप था कि मृतक राजोल कोल रविवार को मारपीट की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचा था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। आक्रोशित लोगों का कहना था कि यदि पुलिस मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल हरकत में आती तो यह घटना नहीं होती।

FSL टीम भी जान बचाकर भागी
युवक की लाश फांसी पर झूलती पाए जाने पर सेमरिया पुलिस द्वारा FSL टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। FSL टीम मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर पाती इससे पहले ही आक्रोशित भीड़ ने TI के साथ हाथा पाई शुरू कर दी। यह सब देख FSL टीम भी वहां से अपनी जान बचाकर भागी।

ASP के आश्वासन के बाद उतारने दी लाश
सेमरिया TI के साथ हाथापाई की घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस का भारी बल सेमरिया के लिए रवाना किया गया। उधर मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जब तक निष्पक्ष कार्यवाही नहीं होगी तब तक शव को नहीं उतारने देंगे। मौके पर मऊगंज एडिशनल एसपी शिवकुमार सिंह पहुंचे और उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरी निष्पक्ष कार्यवाही होगी। इस मामले में जो भी दोषी हैं उन पर कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बाद शव को उतारने के लिए लोग तैयार हुए।

मृतक की जेब से निकला शिकायती पत्र
मृतक राजोल के शव को उतारने के बाद जब उसकी जेब देखी गई तो एक शिकायती पत्र मिला। यह वह शिकायती पत्र है जो राजोल मारपीट की घटना के बाद एफआईआर दर्ज कराने सेमरिया थाना लेकर पहुंचा था। इस पत्र में लिखा है कि 17 जून को छोटू सिंह डाढ़, किशन गौतम सेमरिया एवं अरूण सिंह डाढ़ ने उसके साथ मारपीट की। मृतक पेशे से ड्राइवर था। उसके शिकायती पत्र में यह लिखा है कि वह बरा से लौट रहा था तो उक्त तीनों लोग छुहुआ के पास मिले और बोले कि चिरौंजी कोल के यहां मुर्गा बना है। वहां जाने पर इन लोगों द्वारा मारपीट की गई जिससे सिर पर चोट आई। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।