comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में पांच आतंकियों को किया ढेर


हाईलाइट

  • शोपियां जिले के सुगू इलाके में मुठभेड़
  • सुरक्षाबलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। कोरोना संकट के बीच भी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन लगातार जारी है। बुधवार को कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली। जिले के सुगू इलाके में मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया है। कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने कहा, मारे गए आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे।

शोपियां में तीन मुठभेड़ में 14 आतंकी मारे गए
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को सुगू इलाके में आतंकवादियों की उपस्थिति के बारे में विशिष्ट इनपुट मिला था। बुधवार सुबह सेना और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। जैसे ही सुरक्षा बलों ने ठिकाने पर फोकस किया, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और मुठभेड़ होने लगी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया है। बता दें कि, एक सप्ताह से भी कम समय में शोपियां में यह तीसरी बड़ी मुठभेड़ है, जिसमें 14 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

J&K: शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 5 आतंकी ढेर, ऑपरेशन जारी

शोपियां में मारे गए 9 आतंकी 
सोमवार को (8 जून) शोपियां के पिंजूरा इलाके में मुठभेड़ के दौरान 4 आतंकी मारे गए थे। कश्मीर पुलिस को पिंजूरा इलाके में आतंकियों के मूवमेंट की खबर मिली थी। जिसके बाद सुरक्षाबलों की घेराबंदी के बीच सोमवार को आतंकियों ने जंगली इलाके में भागने की कोशिश की। इसी दौरान मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को ढेर कर दिया।

जम्मू-कश्मीर: शोपियां में चार आतंकी ढेर, 24 घंटे में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 9 आतंकवादी

2 हफ्ते में 6 टॉप कमांडर्स समेत 22 आतंकी मारे गए
इससे पहले रविवार को भी शोपियां के रेबेन इलाके में पांच आतंकी ढेर किए गए थे। जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने सोमवार (8 जून) को बताया था, शनिवार से रविवार तक यानी दो दिन में हिज्बुल मुजाहिदीन के 9 आतंकियों को ढेर किया गया। बीते दो हफ्तों के दौरान 9 बड़े ऑपरेशन चलाए गए इस दौरान 6 टॉप कमांडर्स समेत 22 आतंकी मारे गए हैं।

कमेंट करें
Yj2Ix
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।