दैनिक भास्कर हिंदी: रोजगार मेले में बेरोजगारों के साथ मजाक -टेंट न पानी, हेल्प डेक्स भी नदारद

October 23rd, 2019

डिजिटल डेस्क सिंगरौली(वैढऩ)। कलेक्ट्रेट में आयोजित रोजगार मेले में अफसरों की लापरवाही से बेरोजगारों की जमकर फजीहत हुई। रोजगार की आस लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे अभ्यर्थियों को पानी तक नसीब नहीं हुआ। जिला रोजगार कार्यालय की अराजकता के चलते धूप में छात्रा और छात्राओं हेल्प डेक्स तो दूर की बात अफसरों ने टेंट तक लगाना मुनासिब नहीं समझा। इसके चलते सुबह 10 बजे से रोजगार कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी जानकारी जुटाने के लिये इधर से उधर भटकते हुये नजर आये। बताया जाता है कि रोजगार मेले की आड़ में अफसरों ने छोटी-छोटी कंपनियों को बुलाकर बेरोजगारों के साथ मजाक किया है। रोजगार की तलाश में हजारों की संख्या में पहुंचे बेरोजगार टोकन लेकर देर शाम तक अपने नंबर का इंतजार करते नजर आये। बेरोजगारों का कहना है कि जिला रोजगार कार्यालय द्वारा टेंट और पानी का इंतजाम नहीं करने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है।
6 घंटे में 400 के इंटरव्यू 
रोजगार के लिये यहां पहुंचे एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों में सिर्फ 400 का ही मंगलवार को इंटरव्यू हो पाया है। बताया जाता है कि देर शाम तक टोकन लेकर बैठे 500 सौ से अधिक अभ्यर्थी बैरंग लौट गये हंै। जानकारों का कहना है कि रोजगार मेले में सिर्फ 6 कंपनियों के यहां पहुंचने के कारण अधिकांश अभ्यर्थी खाली हाथ वापस लौट गये। यहां इंटरव्यू देने के लिये आये अभ्यर्थियों को कहना है कि 6 घंटे के अंदर 400 बेरोजगारों का साक्षात्कार लेने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
सिर्फ 30 के चयन का दावा
मेले में अव्यवस्था के सवाल पर रोजगार अधिकारी संजीव सिंह का कहना है कि उन्हें इतनी संख्या में अभ्यर्थियों के इंटरव्यू के लिये आने की उम्मीद नहीं थी। इसके चलते टेंट की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुये साक्षात्कार में आईटीई ट्रेड के 30 अभ्यर्थियों का इंदौर और पुणे की कंपनियों के लिये चयन हुआ है। जिला रोजगार अधिकारी ने मेले में आई कंपनियों में अभ्यर्थियों के चयन के सवाल पर अभिज्ञता जाहिर की है। कलेक्ट्रेट परिसर में खुलेआम बेरोजगारों के साथ जारी मजाक के बाद भी मेले की अव्यवस्था पर अफसरों की नजर नहीं पड़ पाई।
भटकती रहीं छात्राएं
रोजगार की तलाश में मेले में पहुंची कई छात्राएं यहां से वहां भटकती हुई नजर आईं। छात्राओं का कहना है कि रोजगार कार्यालय के अधिकारियों द्वारा व्यवस्था नहीं करने की वजह उन्हें फार्म भरने से लेकर इंटरव्यू में सहायता नहीं मिल पाई। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के लिये उचित स्थान का चयन नहीं करने से जिलेभर से आये अभ्यर्थियों को जमकर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
 

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