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परिवार के 9 दोषियों को उम्रकैद , दिन दहाड़े गोली मारकर की थी हत्या

परिवार के 9 दोषियों को उम्रकैद , दिन दहाड़े गोली मारकर की थी हत्या

डिजिटल डेस्क, छतरपुर । पुरानी रंजिश के चलते दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या करने के एक चर्चित मामले में कोर्ट ने फैसला दिया है। न्यायाधीश मनीष शर्मा की अदालत ने एक ही परिवार के 9 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद के साथ 57 हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि जगारा गांव के रहने वाले फरियादी जाहर सिंह ने 11 नवंबर 2015 को थाना बाजना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिन के 4-5 नवंबर के मध्य दीपावली का त्योहार होने से सभी लोग पूजा करने के लिए भगुन सिंह के घर पर बैठकर चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान एक सफेद रंग की गाड़ी एमपी 15 बीए 1059 से गांव के ही बलवान सिंह, भवानी सिंह, मानसिंह, गजेंद्र सिंह, सुजान सिंह, छोटे राजा, जंगल सिंह, बाबू राजा और केशरी सिंह वहां पर आ गए। पुरानी रंजिश के कारण बलवान सिंह ने गाली गलौच कर फरियादी के भाई साहब सिंह को गोली मार दी।

अन्य लोगों को भी जान से मारने की धमकी दी

साहब सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और भवानी सिंह ने गजराज सिंह के ऊपर कट्टे से फायर किया। गोली गजराज के पैर में लगी। हवाई फायर कर मौके पर मौजूद अन्य लोगों को भी जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सभी आरोपीगण को गिरफ्तार कर मामला कोर्ट में पेश किया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनीष शर्मा की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने बलवान सिंह, भवानी सिंह, छोटे राजा को कठोर आजीवन कारावास के साथ 7-7 हजार रुपए जुर्माना और आरोपी सुजान सिंह, मानसिंह, गजेंद्र सिंह, जंगल सिंह, बाबू राजा सिंह और केशरी सिंह को कठोर आजीवन कारावास के साथ 6-6 हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना की राशि में से 50 हजार रुपए बतौर क्षतिपूर्ति के रूप में मृतक साहब सिंह के परिवार वालों को देना का आदेश दिया।
 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।