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मीडिया सरकार एवं समाज के बीच सेतुः मुख्यमंत्री

November 17th, 2020 16:09 IST
मीडिया सरकार एवं समाज के बीच सेतुः मुख्यमंत्री

डिजिटल डेस्क, शिमला। मीडिया सरकार एवं समाज के बीच सेतुः मुख्यमंत्री मीडिया सरकार व समाज के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करता है और कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया ने लोगों को जागरुक करने और इस दौरान सकारात्मक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित वेबिनार के माध्यम से कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने विश्व की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है और लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ भी इससे अछूता नहीं रहा। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन की सबसे बड़ी क्षति प्रिंट मीडिया को पहुुंची है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि बड़े प्रकाशन घराने भी अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के लिए विवश हो गए और कुछेक को अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी मीडिया ने इस महामारी के दौरान लोगों को जागरूक करने में अह्म भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बहुत से पत्रकार संक्रमित हुए और कुछ ने अपनी जान भी गंवाई। उन्होंने कहा कि डिजिटल व प्रिंट मीडिया ने जमीनी स्तर पर बहुत सी कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद भी पूरे देश में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जय राम ठाकुर ने कहा कि परस्पर विश्वास पैदा करने के लिए सरकारी एजेंसियों, मीडिया और लोगों के बीच में प्रभावी संवाद स्थापित करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कभी-कभी सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाई जाती हैं, जिसका प्रमुख कारण लोगों तक सबसे पहले खबरें पहुंचाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी सरकार, यहां तक कि मीडिया के लिए भी एक नया अनुभव था। जब भारत में पहली बार कोरोना वायरस पाया गया था, उस समय देश में एक भी पी.पी.ई. किट व एन.-95 मास्क उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास केवल 60 वंेटिलेटर उपलब्ध थे, लेकिन आज प्रदेश में 600 वेंटिलेटर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी पहली वीडियो कांफ्रेंस में कहा था कि यह आपत्ति की घड़ी नई सम्भावनाओं को खोजने का भी समय है। उन्हांेने कहा कि आज देश प्रतिदिन 5 लाख पी.पी.ई. किट तैयार कर रहा है और अन्य देशों को भी निर्यात कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया ने हमेशा ही रचनात्मक भूमिका निभाई है और न केवल प्रदेश व केन्द्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों बल्कि मीडिया की खामियों पर भी पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि यह केवल मीडिया के सहयोग से ही संभव हो पाया है कि प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों में फंसे 2.50 लाख लोगों को हिमाचल लाने में सफल रही। उन्होंने कहा कि कोविड के प्रभाव कुछ वर्षों तक ही रहेंगे और पिं्रट मीडिया भी इसके प्रभावों से जल्द उबर जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार वैब मीडिया के लिए नीति तैयार करने जा रही है, जिससे वैब पोर्टलों के उचित प्रबन्धन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सोशल मीडिया का उपयोग बुद्धिमानी और विवेकपूर्ण ढंग से किया जाए तो यह लोगों के व्यवहार परिवर्तन करने और कल्याण में प्रभावशाली साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों को विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए तभी वे समाज में सम्मान और आदर अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग मीडिया का सम्मान तभी करेंगे जब उन्हें लगेगा कि मीडिया उन तक बिना किसी तोड़-मरोड़ के सही सूचना पहुंचा रहा है। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के सचिव रजनीश ने वैबिनार में मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि कोविड महामारी के कारण अधिक से अधिक पत्रकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस को वेबिनार के माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया। उत्तम हिन्दु के प्रमुख सम्पादक इरविन खन्ना ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान सोशल मीडिया सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है, क्योंकि लाॅकडाउन के कारण समाचार पत्र लोगों तक नहीं पहुंच रहे थे। उन्होंने कहा कि अन्य व्यवसायों की तरह इस महामारी से मीडिया उद्योग विशेषकर प्रिंट मीडिया भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया एक बार फिर अपना खोया हुआ स्थान हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया को सही परिप्रेक्ष्य की ओर सकारात्मक खबरों पर भी प्रकाश डालना चाहिए। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।