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 अधेड़ की मौत दुर्घटना नहीं, उसे गोली मारी गई

 अधेड़ की मौत दुर्घटना नहीं, उसे गोली मारी गई

कदारी के पास मंगलवार की रात पांच युवकों ने मारी थी गोली, चिकित्सकों की गलती से उलझा मामला
डिजिटल डेस्क छतरपुर
। कदारी के पास जिस अधेड़ मुन्नीलाल पटेल पिता अमर पटेल (उम्र 50 साल) निवासी बहादुर बम्होरी थाना राजनगर को मंगलवार की रात  सड़क हादसे में मृत बताया गया था, दरअसल उसकी गोली मारकर हत्या की गई है। अधेड़ को गोली मारे जाने का खुलासा बुधवार की सुबह तब हुआ जब उसके शरीर का पोस्ट मार्टम किया गया। मंगलवार को मुन्नीलाल अपने एक साथी के साथ बाइक से छतरपुर अपने पुत्र से मिलने आ रहा था। उसके बाद उसे भोपाल जाना था। मुन्नीलाल जब कदारी के पास पहुंचा, उसी समय रात 8 बजे के करीब दो बाइक में सवार होकर आए युवक कट्टे से मुन्नीलाल को गोली मार कर फरार हो गए। मुन्नीलाल को गोली लगने के बाद बाइक में जो उनका साथी बैठा था वह डर के मारे भाग गया। खून से लतपथ सडक के किनारे पडे मुुन्नीलाल को वहा से निकल रहे राहगीर ने देखा तो उसने 108 एंबुलेंस को फोन पर जानकारी दी। एंबुलेंस मुन्नीलाल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आई, जहां पर उसकी मौत हो गई।
पीएम से हुआ खुलासा
बुधवार की सुबह मुन्नीलाल का पोस्ट मार्टम करने के लिए जब चिकित्सक सत्यम चौरसिया पहुंचे तो उन्होंने पोस्टमार्टम के दौरान पाया कि मुन्नीलाल के  पेट में बाईं तरफ गोली लगी है। उन्होंने मुन्नीलाल के शव का एक्सरे कराया तो उसमें साफ दिखा कि मुन्नीलाल के पेट में गोली फंसी है। आनन फानन में सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने साफ कहा कि मंगलवार को अगर चिकित्सक ने ठीक से मुन्नीलाल को चेक किया होता तो कल ही स्पष्ट हो जाता कि मुन्नीलाल की हत्या की गई है।
पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि मुन्नीलाल की हत्या उसी के गांव के शिवम सिंह, कृष्णा पटेल, रज्जू पटेल, प्रकाश पटेल और गिरजा पटेल ने गोली मारकर की है। पुलिस का कहना है कि पुराने विवाद के चलते युवकों ने हत्या की है। पुलिस पांचों युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी है।
चिकित्सक की लापरवाही आई सामने
मन्नीलाल को जब इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया तो वहां पर काफी देर तक उन्हे देखने के लिए चिकित्सक नहीं पहुंचे। उसके बाद सिविल लाइन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला अस्पताल पहुंचे, तब चिकित्सक पहुंचे। चिकित्सक ने मुन्नीलाल का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि सिविल लाइन टीआई को संदेह हुआ तो उन्होंने चिकित्सक को ठीक के चेक करने को कहा। लेकिन चिकित्सक ने उनकी बात नहीं मानी उसके बाद मुन्नीलाल के शव को पोस्ट मार्टम के लिए मरचुरी में रखवा दिया गया।
 

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