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गुना किसान कांड: शिवराज सरकार पर भड़कीं मायावती, राहुल ने कहा- हमारी लड़ाई अन्याय के खिलाफ

गुना किसान कांड: शिवराज सरकार पर भड़कीं मायावती, राहुल ने कहा- हमारी लड़ाई अन्याय के खिलाफ

हाईलाइट

  • मप्र के गुना में दलित किसान की पिटाई का मामला
  • राहुल गांधी और मायावती ने शिवराज सरकार को घेरा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के गुना जिले में दलित किसान परिवार की पिटाई के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। राज्य की सियासत भी गर्मा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने और बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को गुना दलित परिवार की पिटाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पुलिस द्वारा दलित किसान की पिटाई किए जाने के वीडियो के साथ राहुल गांधी ने एक ट्वीट करते हुए कहा, हमारी लड़ाई इस विचारधारा और अन्याय के खिलाफ है।

वीडियो: मप्र पुलिस की बेरहमी, अलीराजपुर में मरीज को बीच सड़क बेल्ट से पीटा, कांग्रेस बोली- 'बेशर्मराज'

दलितों को बसाने का ढिंढोरा पिटती है शिवराज सरकार- मायावती
वहीं पुलिस की बर्बरता को लेकर बसपा सुप्रिमों मायावती ने भी शिवराज सरकार को घेरा है। मायावती ने ट्वीट कर कहा, मायावती ने लिखा, मध्य प्रदेश के गुना में पुलिस व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर दलित परिवार को कर्ज लेकर तैयार की गई फसल को जेसीबी मशीन से बबार्द करके उस दम्पत्ति को आत्महत्या का प्रयास करने को मजबूर कर देना अतिक्रूर व अति-शर्मनाक है। इस घटना की देशव्यापी निन्दा स्वाभाविक। सरकार सख्त कार्रवाई करे। 

एक तरफ भाजपा सरकार दलितों को बसाने का ढिंढोरा पीटती है वहीं, दूसरी तरफ उनको उजाड़ने की घटनाएं आम हैं।जिस प्रकार पहले कांग्रेस पार्टी के शासन में हुआ करती थी, तो फिर दोनों सरकारों में क्या अन्तर है? खासकर दलितों को इस बारे में भी जरूर सोचना चाहिए।

गौरतलब है कि, गुना में प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था, इस दौरान जगनपुर क्षेत्र में एक किसान दंपति की बुरी तरह से पिटाई कर दी गई। किसान दंपत्ति ने पुलिस के सामने कीटनाशक पीकर उस वक्त अपनी जान देने की कोशिश की, जब स्थानीय प्रशासन की टीम ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए उनकी फसलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नष्ट कर दिया। दंपत्ति को उनके ही बच्चों के सामने पुलिस ने बर्बरता से पीटा। इसी घटना के बाद काफी बवाल हुआ, वीडियो भी वायरल हो गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तुरंत हटा दिया है। इसके अलावा मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है, यह घटना उस इलाके की है जहां से ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद रहे हैं और आगामी समय में ग्वालियर-चंबल संभाग में 16 स्थानों पर विधानसभा के उपचुनाव भी होने वाले हैं। इन स्थितियों में कांग्रेस को बैठे बैठाए एक मुददा मिल गया है और कांंग्रेस इसे पूरे जोरशोर से उठाने में चूके भी नहीं।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दलित परिवार के साथ हुई ज्यादती पर सवाल उठाते हुए कहा था, क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूखदारों द्वारा कब्जा की गयी हजारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिये भी शिवराज सरकार दिखायेगी? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

साथ ही उन्होंने कांग्रेस के ट्वीट केा रिट्वीट भी किया है, जिसमें कहा गया है, कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ही गरीबों और किसानों की लड़ाई में उनका साथ दिया है। शिवराज सरकार के इस अमानवीय कृत्य ने बीजेपी की तानाशाही को बेनकाब किया है।ये लड़ाई शिवराज सरकार के अंत का आरंभ है।

वहीं भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा गुना एसपी और कलेक्टर को हटा दिया गया है, और घटना की जांच की जा रही है। मुझे विश्वास है कि इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि मध्यप्रदेश में कानून का राज है, जो लापरवाही करेगा, उसे नाप दिया जाएगा। गुना में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही हमने त्वरित कार्रवाई की। ये राहुल गांधी की कांग्रेस की सरकार नहीं है, जहां अधिकारी प्रीपेड व्यवस्था से पोस्ट होते थे। यहां तो तत्काल कार्रवाई होती है। घटना की जानकारी आते ही आईजी, कलेक्टर व एसपी हटा दिए गए हैं।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केंदीय मंत्री अरुण यादव का कहना है कि जिस प्रदेशा में बड़े-बड़े अपराधी खुलेआम घूमते हैं, वहां पर निहत्थे दलित किसानों पर पुलिस बेरहमी से लाठीचार्ज कर रही है। इन मासूमों की चीत्कार शिवराज सरकार को ले डूबेगी।

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