जयंत पाटील ने दिए संकेत: स्थानीय निकाय में राकांपा , शिवसेना और कांग्रेस का हो सकता है गठजोड़

September 19th, 2022

डिजिटल डेस्क, औरंगाबाद । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि आगामी जिला परिषद चुनाव एक साथ लड़ने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तैयार है। मनपा चुनाव में महाविकास आघाड़ी करने के बारे में स्थानीय स्तर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी के दोनों पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेंगे। महाविकास आघाड़ी के जरिए यह चुनाव लड़ने हम जोर दे रहे हैं। यह बयान देकर पाटील ने संभावित गठबंधन की गेंद कांग्रेस के पाले में डाल दी।

राकांपा प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील ने सोमवार, 19 सितंबर को हडको स्थित राष्ट्रवादी भवन में राकांपा के शहर और ग्रामीण के पदाधिकारियों की जायजा बैठक ली तब वे बोल रहे थे। मंच पर संपर्क मंत्री एवं विधायक राजेश टोपे, जिलाध्यक्ष कैलास पाटील, विधायक सतीश चव्हाण, विधायक एवं निरीक्षक अमर सिंह पंडित, सांसद डॉ. फौजिया खान, पूर्व मंत्री जयसिंहराव गायकवाड़, पूर्व विधायक किशोर पाटील, भाऊसाहब चिकटगांवकर, राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शेख महबूब, जिला कार्याध्यक्ष मनोज घोड़के, मराठवाड़ा ओबीसी सेल के प्रसिद्धि प्रमुख संदीप घोड़के, शहर जिला उपाध्यक्ष चंद्रकांत पेहरकर, राष्ट्रवादी ओबीसी सेल के जिला उपाध्यक्ष गणेश काले, प्रकाश दिलवाले, पूर्व नगरेसवक इलियास किरमानी, मुश्ताक अहमद, वक्ता सेल के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सोलंके, शहराध्यक्ष ख्वाजा शरफोद्दीन, काशिनाथ कोकाटे, महिला शहराध्यक्ष मेहराज पटेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विट्‌ठल जाधव सहित अन्य उपस्थित थे।

प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि फिलहाल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उनके 40 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान है। जो विधायक उनके साथ आए है। उनके तरफ ध्यान दिया जा रहा है। इस तरह का बर्ताव रहा, तो अन्य निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर असर होगा। फिलहाल सरकार जिस तरह से कामकाज कर रही है। उसपर से शिंदे सरकार कब भी गर सकती है। इसलिए राज्य में अधिकारियों को भी उनपर भरोसा नहीं रहा है। अधिकारी कोई भी काम कर रहे है।

प्रदेशाध्यक्ष पाटील ने शहर और जिले के संगठनात्मक ढांचे का जायजा लेते समय कहा कि हमें अगर अपना पार्टी की ताकत बढ़ानी होगी, तो पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता ने आम इंसान तक पहंुचना चाहिए। शहर के सभी वार्डों में बूथ लगाकर सभासद पंजीकरण अभियान चलाना आवश्यक है, ऐसा उन्होंने कहा। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ने पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से पार्टी की ताकत बढ़ाने के बारे में संकल्पना समझकर ली। एक दौर में आैरंगाबाद जिले ने शरद पवार को ताकत देने का काम किया। इस घटना की प्रदेशाध्यक्ष ने पदाधिकारियों को याद दिलाई। बैठक में रंगनाथ काले, द्वारकादास पाथ्रीकर, अभिषेक देशमुख, जावेद खान, मयुर सोनवणे, अंकिता विधाते, शिवाजी बनकर, वीणा खरे सहित अन्य उपस्थित थे।

राकांपा प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि, भाजपा के कुछ लोग शिंदे गुट में शामिल हुए। इसलिए अब भाजपा को सावधान रहने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनने की इच्छा थी। उन्हाेंने सोचा कुछ और हुआ कुछ। लेकिन वरिष्ठ स्तर पर बहुत ही साेच समझकर निर्णय लिया गया। इसलिए फडणवीस फिलहाल नाराज है। उनका अंदाज सही साबीत हुआ, वें सरकार बर्खास्त कर देंगे। उस समय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भाजपा से दोस्ती बनाने की गलती ध्यान में आयेंगी।

प्रदेशाध्यक्ष पाटील ने कहा कि, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सिर्फ घाेषणाएं कर रहे है। शिंदे सिर्फ 40 विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान दे रहे है। फिर वें बचे हुए 248 निर्वाचन क्षेत्र पर नजरअंदाज करने वाले है क्या, ऐसा सवाल भी पाटील ने उपस्थित किया। यह सरकार उनका कार्यकाल पूर्ण नहीं करेगा। क्योंकि उनके साथ आए हुए विधायकों में दिन-ब-दिन नाराजगी बढ़ रही है।