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निवाड़ी: मध्यप्रदेश के इतिहास में 2789.55 लाख यूनिट बिजली सप्लाई का नया रिकार्ड कायम प्रदेश में दो दिनों से 14,000 मेगावाट से अधिक बिजली की मांग

November 13th, 2020 15:36 IST
निवाड़ी: मध्यप्रदेश के इतिहास में 2789.55 लाख यूनिट बिजली सप्लाई का नया रिकार्ड कायम प्रदेश में दो दिनों से 14,000 मेगावाट से अधिक बिजली की मांग

डिजिटल डेस्क, निवाड़ी। निवाड़ी मध्यप्रदेश के इतिहास में 10 नवम्बर को बिजली सप्लाई का नया रिकार्ड कायम हुआ। इस दिन 2789.55 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई पूरे प्रदेश में की गई। प्रदेश में पिछले पांच दिनों से बिजली की सप्लाई लगभग 2700 लाख यूनिट से अधिक हो रही है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री आकाश त्रिपाठी ने जानकारी दी कि इससे पूर्व 21 नवम्बर 2018 को प्रदेश में बिजली की एक दिन की सर्वाधिक सप्लाई 2658.69 लाख यूनिट हुई थी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक आपूर्ति पर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की है। प्रदेश में दो दिनों से बिजली की मांग पहुंची 14 हजार मेगावाट के ऊपर श्री त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि 10 नवम्बर को प्रदेश में बिजली की मांग 14 हजार 147 मेगावाट दर्ज हुई। इस रबी सीजन में पहली बार बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट से ऊपर दर्ज हुई है, जो बढ़ कर आज 11 नवम्बर को प्रातरूकाल 14 हजार 190 मेगावाट बिजली तक पहुंच गई। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में इस रबी सीजन में दो माह पूर्व ही बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच गई, जबकि पिछले रबी सीजन में बिजली की मांग जनवरी-फरवरी माह में शीर्षतम स्तर पर पहुंचती थी। प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में बिजली की मांग 5744 मेगावाट वर्तमान में प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन) में सर्वाधिक 5,744 मेगावाट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर) में बिजली की अधिकतम मांग 4,741 मेगावाट एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर व रीवा) में 3,663 मेगावाट दर्ज हुई। प्रदेश में बिजली सप्लाई कैसे हुई प्रदेश में 11 नवम्बर को जब बिजली की मांग 14 हजार 147 मेगावाट दर्ज हुई, उस समय बिजली की सप्लाई में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप व जल विद्युत गृहों को उत्पादन अंश 3,450 मेगावाट, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 436 मेगावाट, एनटीपीसी व नार्दन रीजन का अंश 3,955 मेगावाट, सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का अंशदान 1,349 मेगावाट व आईपीपी का अंश 1,334 मेगावाट रहा और बिजली बैंकिंग से 1,948 मेगावाट व अन्य स्त्रोत, जिनमें नवकरणीय स्त्रोत भी शामिल हैं, से प्रदेश को 1,676 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।