comScore

निवाड़ी: निजी क्षेत्र में बांस उत्पादों की उत्पादन इकाईयों की स्थापना में प्रदेश हुआ अग्रणी नौ उत्पादन इकाईयों को एक करोड़ 22 लाख का अनुदान

January 05th, 2021 17:16 IST
निवाड़ी: निजी क्षेत्र में बांस उत्पादों की उत्पादन इकाईयों की स्थापना में प्रदेश हुआ अग्रणी नौ उत्पादन इकाईयों को एक करोड़ 22 लाख का अनुदान

डिजिटल डेस्क, निवाड़ी। निवाड़ी मध्यप्रदेश में बांस उगाने वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिये बांस उत्पादों की 9 उत्पादन इकाईयाँ मंजूर कर एक करोड़ 22 लाख रुपये से ज्यादा का अनुदान जारी किया गया है। इस वर्ष प्रदेश में 32 आधारित इकाईयाँ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि राष्ट्रीय बांस मिशन द्वारा इंडियन बैंक एसोसियेशन के सहयोग से आयोजित वेबिनार में स्पष्ट हुआ है कि देश में मध्यप्रदेश एक मात्र ऐसा राज्य है जहाँ बांस उत्पादकों की उत्पादन इकाइयों का कार्य प्रारंभ हुआ है। कुंवर शाह ने बांस मिशन से जुड़े अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा है कि सकारात्मक प्रयास करने के कारण सफल परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने इस दिशा में प्रयास और तेज करने के निर्देश भी दिये हैं। राज्य बांस मिशन के सीईओ और प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. अभय कुमार पाटिल ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने और पर्यावरण सुधार के लिये मिशन द्वारा कृषकों की भूमि पर लक्ष्य के अनुरूप पिछले वर्षों में 15 लाख से अधिक बांस के पौधे रोपित किये गये हैं। जबकि केवल 2020 में 3500 हेक्टेयर निजी क्षेत्र में बांस रोपण करवाया गया है। रोपण के चार वर्ष बाद बांस के भिररे काटने लायक हो जाते हैं और इससे किसान को सालाना प्रति एकड़ एक लाख रुपये से अधिक की आमदनी हो सकेगी। बैंक एण्डेड सब्सिडी स्कीम राष्ट्रीय बांस मिशन योजना में बांस उत्पादों के उद्योग लगावाने के लिये बैंक एण्डेड सब्सिडी स्कीम का प्रावधान है। इच्छुक उद्यमियों की बैंकेबल प्रोजेक्ट भी मिशन द्वारा निरूशुल्क बनवाया जा रहा है। बैंकों की अनुशंसा पर अभी तक 9 इकाईयाँ स्वीकृत कर एक करोड़ 22 लाख 65 हजार रुपये का अनुदान जारी किया जा चुका है। इसके अलावा 5 उद्यमियों के प्रोजेक्ट के लिये संबंधित बैंकों की सहमति भी प्राप्त हो गई है। योजना के अनुरूप अन्य औपचारिकताएँ शीघ्र पूर्ण कराई जा रही हैं। अन्य 4 उद्यमियों के प्रोजेक्ट बनवाकर उनको दिये जा चुके है। राज्य बांस मिशन अगले पाँच साल में प्रदेश में बांस उत्पाद निर्माण करने वाले उद्योगों का नेटवर्क स्थापित करेगा और किसान अपने जिले में ही अपने बांस की बिक्री कर सकेंगे।

कमेंट करें
Yf6OV
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।