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निवाड़ी: अब 8 मार्च और 5 जून को भी होंगी ग्राम सभाओं की बैठकें

February 03rd, 2021 15:46 IST
निवाड़ी: अब 8 मार्च और 5 जून को भी होंगी ग्राम सभाओं की बैठकें

डिजिटल डेस्क, निवाड़ी। राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि वर्ष में पूर्व से निर्धारित चार ग्राम सभाओं के अलावा प्रत्येक वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च एवं विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को भी ग्राम सभा की विशेष बैठक आयोजित की जायेंगी।

पंचायत राज संचालनालय द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं कि ग्राम सभाएँ रोटेशन में ग्राम पंचायत के सभी ग्रामों में पृथक-पृथक आयोजित की जाएं। जब ग्राम पंचायत के मुख्यालय के गाँव में ग्राम सभा का आयोजन हो तो सभी ग्रामों के लोग उपस्थित रहें। वर्तमान में प्रत्येक ग्राम सभा के लिए नियुक्त नोड़ल अधिकारी सामान्यतरू क्लस्टर/सेक्टर लेवल के होते हैं। कुछ चयनित ग्राम सभाओं में जिला या विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिये कहा गया है। कोरम की पूर्ति एक औपचारिकता का विषय नहीं। ग्राम सभा आयोजन का प्रचार-प्रसार किया जाये, जिससे कोरम की पूर्ति हो सके। ग्राम सभा की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिये गये हैं। ग्राम सभा की बैठक का कार्रवाई विवरण बैठक समाप्त होने के पूर्व पढ़कर सुनाया जाये।

संचालक पंचायत राज श्री बी.एस. जामोद ने कहा कि ग्राम सभाओं की बैठकों को आकर्षक व रोचक बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग व अन्य विकास विभागों का आई.ई.सी. मटेरियल, दृश्य, श्रव्य माध्यामों से डिस्प्ले की व्यवस्था की जाये। ग्राम सभा की बैठकों में महिलाओं, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग, युवाओं व दिव्यांगों की उपस्थिति ग्राम सभाओं की जनसंख्या के अनुपात में सुनिश्चित की जाए। कोविड़-19 के तहत शासन स्तर से जारी निर्देशानुसार प्रभावी कार्रवाई करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित हो।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।