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लाखों रुपए के गुटखे जब्त पर नहीं हुई एफआईआर -ओरछा रोड थाने में रखा है प्रतिबंधित गुटखे का कंटेनर

लाखों रुपए के गुटखे जब्त पर नहीं हुई एफआईआर -ओरछा रोड थाने में रखा है प्रतिबंधित गुटखे का कंटेनर

डिजिटल डेस्क  छतरपुर । शहर में शनिवार को ब्रांडेड गुटखा के एजेंसीधारक की दुकान और गोदाम पर कलेक्टर के निर्देशन में राजस्व और पुलिस विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए, तकरीबन 12 लाख रुपए से ज्यादा का गुटखा पंचनामा बनाने के बाद सील कर दिया था। वहीं गोदाम के बाहर गुटखे से भरा एक ट्रॉला भी पुलिस ने जब्त किया था, जिसमें लाखों का गुटखा भरा हुआ है। शनिवार को प्रशासन के अमले ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होना और दुकान पर अकारण भीड़ जोड़ते हुए दुकानदार को पाकर कार्रवाई करना बताया था। वहीं जिले में प्रतिबंध के बावजूद गुटखा विक्रय होने की बात भी कहीं थी। रविवार की देर रात तक इस मामले में पुलिस द्वारा कोई मामला दर्ज नहीं किया है, और न ही पुलिस को राजस्व विभाग द्वारा किसी तरह की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मामला हाईप्रोफाइल लोगों से जुड़ा होने के कारण प्रशासन इस मामले में बेहद सावधानी बरत रहा है।
क्या होगी कार्रवाई
राजस्व विभाग के अनुसार कलेक्टर के आदेश से जिले में गुटखा का क्रय-विक्रय जिले में पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। इसलिए व्यापारी द्वारा आखिर कैसे गुटखा बेचा रहा था, इस संबंध में जांच करके जवाब मांगा जा रहा है, जो माल जब्त किया गया है। उसके कागजात और बिल व्यापारी के पास हैं, इसके बारे में पड़ताल की जा रही है। ट्रॉला के ई-वे बिल और बिल्टी के संबंध में भी जानकारी ली जा रही है। इसके बाद विधिवत कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी। तहसीलदार संजय शर्मा ने बताया कि फिलहाल में धारा 188 के तहत दुकान और गोदाम पर कार्रवाई हुई है, हम सभी बिंदुओं की जांच पुलिस के सहयोग से कर रहे हैं। अन्य विभागों का सहयोग भी इस मामले की जांच के लिए लिया जाएगा, जैसे ही कार्रवाई होगी हम सूचना देंगे। वहीं सिटी कोतवाली टीआई जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि हमारे पास अभी किसी भी कार्रवाई के लिए निर्देश नहीं मिले हैं। एफआईआर नहीं की गई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।