नागपुर: अब 0 से 30 रीडिंग का डेटा सीधे मुख्यालय भेजा जाएगा

June 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आर्थिक संकट से जूझ रहा महावितरण 0 से 30 रीडिंग को लेकर आैर सख्त हो गया है। अब 0 से 30 रीडिंग की रिपोर्ट जोन के माध्यम से सीधे मुख्यालय भेजी जाएगी। मुख्यालय खुद इस पर संज्ञान ले रहा है। रीडिंग कम का मतलब बिल कम आैर रीडिंग क्यों कम आ रही है, इसका कारण मुख्यालय को बताना होगा। कम रीडिंग कई तरह की शंका उत्पन्न करती है। नागपुर जोन (नागपुर व वर्धा जिला) में 16.50 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें हजारों उपभोक्ताआें को कम बिल आ रहा है। 
भीषण गर्मी में भी बिल कम आना खटक रहा : 0 से 30 रीडिंग वाले मीटर की जांच मुहिम चलाने का आदेश महावितरण पहले ही जारी कर चुका है। नागपुर जोन में ही हजारों ऐसे मीटर हैं, जिनकी रीडिंग कम होने से बिल भी नाम मात्र का आ रहा है। कोरोना के दौरान बिल कम आने का कारण दुकानें बंद रहना बताया जाता था। इसी तरह घर का बिल कम आने के पीछे यह सफाई दी जाती थी कि, कोरोना के दौरान परिजन दूसरी जगह थे। अब सब कुछ सामान्य हो चुका है आैर गर्मी भी बहुत ज्यादा पड़ी। ऐसे में कम बिल महावितरण को खटक रहे हैं। मीटर में छेड़छाड़ या बिजली चोरी के कारण बिल कम आने की शंका बनी हुई है। नागपुर जोन में हजारों ऐसे मीटर है, जिसका नाम मात्र किराया आता है। इन सभी मीटरों की जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। कम बिल आने का कारण भी स्पष्ट करना होगा। कम बिल वाली जगह पर बिजली चोरी भी पकड़ना होगी।
 

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