comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हीट स्ट्रोक से हुई थी डेढ़ हजार चमगादड़ों की मौत - रिपोर्ट से हुआ खुलासा, 

हीट स्ट्रोक से हुई थी डेढ़ हजार चमगादड़ों की मौत - रिपोर्ट से हुआ खुलासा, 

- चमगादड़ों के सेंपल में नहीं पाये गये कोरोना और एनआईपीएच के लक्षण
डिजिटल डेस्क सिंगरौली, वैढऩ
। जिले के माड़ा के पडऱीटोला में डेढ़ हजार चमगादड़ों की रहस्यमयी मौत से पर्दा उठ गया है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल की रिपोर्ट में चमगादड़ों की मौत का कारण मौसम में अचानक परिवर्तन और हीट स्ट्रोक बताया गया है। कलेक्टर केवीएस चौधरी ने बताया कि चमगादड़ों के सेंपल में कोरोना वायरस और एनआईपीएच वायरस के लक्षण नहीं पाये गये हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी के चलते चमगादड़ों की मौत नहीं हुई है। कलेक्टर ने बताया कि बारिश के बाद चमगादड़ों की मौत का सिलसिला थम गया है। उन्होंने बताया कि चमगादड़ों का जहां पर बसेरा है, उस क्षेत्र पानी की कमी है। गर्मी बढऩे से डिहाईड्रेशन के चलते चमगादड़ों की मौत हुई है।
मौसम के परिवर्तन को बर्दाश्त नहीं कर पाये
माड़ा एसडीएम रवि मालवीय ने बताया कि डेढ़ हजार में सबसे अधिक मौत चमगादड़ों के बच्चों की हुई थी। उन्होंने बताया कि चमगादड़ के बच्चे पानी की कमी और लू के प्रकोप को बर्दाश्त नहीं कर पाये। जबकि परिपक्व चमगादड़ों की कम संख्या में ही मौत हुई है। उन्होंने बताया कि मृत चमगादड़ों के पीएम में भी किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण नहीं पाये गये है। एसडीएम ने बताया कि पिछले पांच दिनों में चमगादड़ों की मौत के एक भी केस सामने नहीं आये है। उन्होंने बताया कि चमगादड़ों की जिस दिन मौत हुई थी उस दिन जिले में भीषण गर्मी भी थी।
 

कमेंट करें
uQ3Xt