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कन्हान नदी से रेत चोरी करते 1 पोकलेन मशीन, 4 ट्रक, 90 ब्रॉस रेत जब्त

कन्हान नदी से रेत चोरी करते 1 पोकलेन मशीन, 4 ट्रक, 90 ब्रॉस रेत जब्त

डिजिटल डेस्क, नागपुर। खापरखेड़ा पुलिस स्टेशन  अंतर्गत वलनी  क्षेत्र के कन्हान नदी से रेत चुरा रहे रेत माफियाओं पर राजस्व विभाग द्वारा छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें बड़े पैमाने में रेत चुराने का मामला सामने आया है। कार्रवाई में राजस्व विभाग ने एक कोबेलको कंपनी की पोकलेन मशीन, एम.एच.-40-बी.एल.-3801, एम.एच.-40-बी.जी.-6288, एम.एच.-40-बी.जी.-8745 और ए.पी.-24-टी.ए.-2129 क्रमांक के चार ट्रक पकड़े हैं। प्रत्येक ट्रक में 10 ब्रॉस रेत भरी हुई थी। साथ ही मौके पर 50 ब्रास रेत का भंडार भी मिला है।

कार्रवाई में उप-विभागीय अधिकारी अतुल म्हेत्रे, सावनेर के मार्गदर्शन में तहसीलदार दीपक कारंडे, नायब तहसीलदार सतीश मासाल, मंडल अधिकारी होमेश्वर पवार, अनिल मोरे, शरद नांदूरकर, सुजित आड़े ने हिस्सा लिया। घटनास्थल पर पंचनामा कर पोकलेन मशीन समेत रेत से भरे ट्रक तथा रेत का भंडार जब्त कर खापरखेड़ा थाने में जमा किया गया।  सोमवार को पोकलैन व ट्रक मालिक पर दंडात्मक करवाई करने की जानकारी पाटनसावंगी के मंडल अधिकारी होमेश्वर पवार ने दी है। पिछले सप्ताह खापरखेड़ा के थानेदार ने 3 रेत से भरे ट्रक वलनी से पकड़े थे। 

फ्रेंड का बर्थ डे मनाने गई थी छात्रा वापस नहीं लौटी, अपहरण का संदेह
 फुटाला तालाब से छात्रा का अपहरण कर लिया गया। छात्रा सहेली का जन्मदिन मनाने फुटाला तालाब चौपाटी पर गई  थी। अपहृत 17 वर्षीय छात्रा कक्षा 11वीं में अध्ययनरत है। तीन दिन पहले वह अपनी कक्षा में ही पढ़ने वाली सहेली के जन्मदिन की पार्टी में गई थी। जन्मदिन की पार्टी फुटाला तालाब किनारे चौपाटी पर आयोजित की गई थी। पार्टी में कई मित्र युवक व युवतियां शामिल हुए थे। अपहृत छात्रा पार्टी में संतोष बिर्दीलाल शर्मा (26), महल निवासी की बाइक पर गई थी। रात 8 बजे से लेकर 11 बजे तक पार्टी चली, लेकिन इसके बाद छात्रा घर नहीं लाैटी। परिजनों ने मामले की शिकायत संबंधित थाने में की है। संदेह है कि, रात में मौका पाकर संतोष ने ही छात्रा का अपहरण किया। संतोष ऑटो रिक्क्षा चालक है और अगले महीने में उसकी िकसी और युवती से शादी होने वाली है। संतोष के प्रेम संबंध छात्रा से होने की आशंका है। पार्टी में मौजूद छात्रा की सहेलियों से भी पूछताछ हुई है, लेकिन उन्हें अपहृत छात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच जारी है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।