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पत्ते पर सब्जी रख हाथ पर ही दिया जा रहा मध्यांह भोजन

पत्ते पर सब्जी रख हाथ पर ही दिया जा रहा मध्यांह भोजन

डिजिटल डेस्क, अलीपुरा। नौगांव विकासखंड के शासकीय माध्यमिक शाला करारा गंज में बच्चों को मध्यांह भोजन हाथ पर पत्तों पर दिया जा रहा है । स्कूल के 200 छात्र-छात्राएं हाथ पर रोटी एवं पत्तों पर सब्जी लेकर भोजन करने को मजबूर हैं । शाला प्रबंधन को जानकारी होने के बावजूद भी पूरी दबंगई के साथ यह कारनामा विगत 1 माह से चल रहा है ।खाना खाकर बच्चे दूर लगे हैंडपंप पर पानी पीने को  मजबूर हैं।

हाथ पर रोटी पत्ते पर सब्जी 

जानकारी के अनुसार करारा गंज गांव की शासकीय माध्यमिक शाला में छात्रों को मध्यांह भोजन हाथ में ही रोटी एवं सब्जी रखकर खाने के लिए दी जा रही है । शासन की मध्यान भोजन व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रही है जिसकी जिम्मेदारी संस्था के प्राचार्य से लेकर स्टाफ की है । गांव के भगवत कुशवाहा एवं दीनदयाल सेन ने बताया कि इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की जाएगी । जब  स्कूल में हाथ में भोजन पर से जाने वाली बात माध्यमिक शाला के अध्यापक सुशील द्विवेदी से की गई तो उन का बेतुका बयान आया की जब तक स्कूल में हैंड पंप नहीं सुधरेगा तब तक बच्चों को बर्तन नहीं दिए जाएंगे ऐसे में ग्रामीणों ने अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है तथा शीघ्र ही शाला परिसर का हैंडपंप सुधारने या नए हैंड पंप लगाने की मांग की है यदि 3 दिवस के अंदर छात्रों की  पानी की व्यवस्था नहीं की जाती तो वह अपने बच्चों को स्कूल पढऩे के लिए नहीं भेजेंगे

इनका कहना है

इस संबंध में जब बीआरसी नौगांव विनोद कुमार गुप्ता का कहना है की करारा गंज हाई स्कूल के हेड पंप खराब होने की लिखित जानकारी पीएचई नौगांव को दे दी गई है लेकिन अभी तक हैंडपंप क्यों नहीं सुधरा मैं जानकारी करवाता हूं । रही बच्चों के हाथों में रखकर रोटी एवं सब्जी खाने की बात तो यह बात सरासर गलत है ऐसे दोषी अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

अंदर पानी नहीं बचा

पीएचई नौगांव के उपयंत्री टीडी अहिरवार का कहना है की करारा गंज के स्कूल के हैंड पंप खराब होने की जानकारी हमें दी गई थी और हमारी टीम ने हफ्ते भर पहले वहां पहुंचकर हैंड पंप देखा बोर नीचे से पुर जाने के कारण उसके अंदर पानी नहीं बचा ।जिसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दे दी गई है।

थालियों में ही भोजन कराया जाएगा 

शासकीय हाई स्कूल करारा गंज की प्राचार्य दिनेश गुप्ता का कहना है कि  हैंड पंप खराब हो चुका है । बच्चों से हाथ में भोजन रखकर खिलाने कि मुझे जानकारी नहीं है मैं तुरंत  माध्यमिक शाला की अध्यापकों से जानकारी लेता हूं । बच्चों को थालियों में ही भोजन कराया जाएगा और पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।