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राजगढ़: प्रशिक्षण में सीखी बातों को आदत बनाएं बन सकते हो बड़े व्यापारी

January 12th, 2021 16:56 IST
राजगढ़: प्रशिक्षण में सीखी बातों को आदत बनाएं बन सकते हो बड़े व्यापारी

डिजिटल डेस्क, राजगढ़। राजगढ़ सरकार द्वारा उद्यमिता के विकास के लिए जो प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में न सिर्फ बैंकिंग व्यवहार सिखाया जाता है, बल्कि यहां सिखाये जाने वाले कामकाज के तरीकों को जीवन में उतारा जाए तो हम सफल उद्यमी बन सकते हैं। यह बात सोमवार की आरसेटी में सामान्य उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने कही। बैच कॉर्डिनेटर आरसेटी एस जैन ने बताया बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण कामगार सेतु योजना के तहत विभिन्न बैंकों द्वारा जिले के करीब 11 हजार ग्रामीण पथ विक्रेताओं को 10-10 हजार रुपए लोन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से करीब 4 हजार पथ विक्रेताओं की राशि बैंकों ने उनके खाते में डाल दी है। इस योजना के तहत चयनित ग्रामीणों को सरकार द्वारा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से उद्यमिता विकास प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है। इसी के तहत 6 जनवरी से शुरू हुए छ दिवसीय प्रशिक्षण बैच का समापन सोमवार को हुआ। आरसेटी परिसर में हुए इस प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं की लिखित परीक्षा भी ली गई। कार्यक्रम के अंत में एडीजे श्री सलीम शेख व जिला विधिक सेवा अधिकारी श्री फारुख अहमद सिद्दीकी ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर आरसेटी डायरेक्टर अमृत टोप्पो, बैच कॉर्डिनेटर व फैकल्टी सत्येंद्र जैन, अंकिता सांकवा सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षु व स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने पहुंचे एडीजे शिविर समापन के मौके पर सोमवार दोपहर को एडीजे व जिला विधिक सहायता प्राधिकरण के सचिव श्री सलीम शेख आरसेटी पहुंचे। उनके साथ जिला विधिक सेवा अधिकारी श्री फारुख अहमद सिद्दीकी भी थे। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सलाह व सहायता के बारे में जानकारी दी। इससे पूर्व प्रशिक्षण के दौरान मार्गदर्शन देने पहुंचे एल.डी.एम .श्री आर.एस. सिंह ने प्रशिक्षुओं को बैंकिंग व्यवहार की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि अगर बैंकों की लोन राशि समय पर लौटाई तो वह आपकी सिविल के आधार पर अच्छे ग्राहकों को दोबारा लोन भी दे सकते हैं। जिससे आपको अपने व्यापार को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।