दैनिक भास्कर हिंदी:  दुष्कर्म के आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा में जहर का खाकर की जान देने की कोशिश

September 14th, 2019

डिजिटल डेस्क छतरपुर । नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के एक आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा में जहरीले पदार्थ का सेवन कर जान देने की कोशिश की। मामला बमनोरा पुलिस थाने का बताया जा रहा है। आरोपी अशोक कुमार लोधी पिता पप्पू लोधी उम्र 22 साल ने जून माह में गांव की एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के परिजनों द्वारा आरोपी के खिलाफ बमनोरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 
गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी युवक किशोरी के साथ अपने गांव आया है। सूचना के बाद पुलिस ने युवक और किशोरी को हिरासत में लेते हुए थाने ले आई। तभी शुक्रवार की सुबह आरोपी युवक ने पुलिस थाने में किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। थाने में लॉकअप के अंदर हालत बिगडऩे पर बमनोरा पुलिस उसे इलाज के लिए बड़ामलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। जहा चिकित्सकों ने उसका इलाज किया।
समाज ने किया किशोरी के परिजनों का बहिष्कार
पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक अशोक लोधी दूसरे समाज की नाबालिग किशोरी को भगाकर ले गया था। तभी से समाज के लोगों ने किशोरी के परिजनों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। युवक के परिजनों का कहना है कि बमनोरा पुलिस गुरुवार को युवक और किशोरी को पकड़कर थाने ले गए, जहां पर पूरे दिन युवक और किशोरी को पुलिस ने थाने में बिठाकर रखा। 
उनका आरोप है कि पुलिस की प्रताडऩा के चलते अशोक ने यह कदम उठाया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किशोरी के परिजनों की रिपोर्ट पर ही आरोपी पर कार्रवाई की गई थी। उसे प्रताडि़त नहीं किया गया। बल्कि पूछताछ जरूर की गई थी। 
युवक द्वारा जहर खाने की बात पर संदेह 
युवक को इलाज के लिए बमनोरा पुलिस लेकर आई थी। युवक ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन नहीं किया था। उसकी थोड़ी हालत जरुर खराब हुई थी, लेकिन ट्रीटमेंट करने के बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ्य हो गया। इलाज के बाद पुलिस युवक को अपने साथ ले गई।
 -डॉ. केशव प्रसाद बमोरिया
इनका कहना है
सुबह आरोपी अशोक ने तबियत खराब होने की शिकायत की थी। उसके बाद उसे इलाज के लिए बड़ामलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसे फिट घोषित किया। उसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। जहर का सेवन करने जैसी कोई बात नहीं है।
-राजाराम साहू, एसडीओपी बड़ामलहरा