comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

रीवा: मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रीवा भ्रमण के संबंध में पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल ने नगर निगम को विकास कार्ययोजना बनाने के दिये निर्देश

January 09th, 2021 16:07 IST
रीवा: मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रीवा भ्रमण के संबंध में पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल ने नगर निगम को विकास कार्ययोजना बनाने के दिये निर्देश

डिजिटल डेस्क, रीवा। रीवा आगामी 23 जनवरी को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का रीवा भ्रमण प्रस्तावित है। प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री के भ्रमण के संबंध में नगर निगम को विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। इस दौरान कलेक्टर इलैयाराजा टी व आयुक्त नगर निगम मृणाल मीणा उपस्थित रहे। कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में विधायक श्री शुक्ल ने कहा कि नगर निगम सर्वांगीण विकास के लिए वास्तविक आय व उपलब्ध बजट के अनुसार कार्ययोजना बनाये तथा नगर विकास के भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रस्ताव शामिल करें जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि हो। नगर निगम की रिक्त व अनुपयोगी भूमि में आय की वृद्धि की कार्ययोजना बनाकर संसाधन विकसित किये जाये। जीआईएस मैपिंग कराते हुए नगर निगम की प्रॉपर्टी के वृद्धि के उपाय सुनिश्चित कराये जाये साथ ही नगर निगम द्वारा बनाये गये एमआईजी व एचआईजी आवासों एवं दुकानों की विक्री के द्वारा भी आय के साधन बढ़ाने की कार्यवाही की जाय। उन्होंने नगर के विकास का रोड मैप एवं साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, सीवर लाइन, परिवहन व्यवस्था, बाजार व्यवस्था, रोजगार मूलक कार्यों, अधोसंरचना विकास व नगर के सौन्दर्यीकरण आदि प्रस्तावों को शामिल कर मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुतिकरण के निर्देश अधिकारियों को दिये। श्री शुक्ल ने शहर के विकास के लिए लंबित संपत्तिकर तथा अन्य करों की बेहतर ढंग से वसूली करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में इस बात का ध्यान रखा जाय की विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आमजनता को मिले। बैठक में प्रधानमंत्री आवास शहरी के आवंटन सहित शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गयी। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र हितग्राहियों को अधिपत्य सौंपे जांय। इस अवसर पर कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र शुक्ल, जिला गौसंवर्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, व्यंकटेश पाण्डेय सहित नगर निगम के अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री नरेन्द्र शर्मा तथा निर्माण एजेंसी से जुड़े प्रतिनिधि व बैंकर्स उपस्थित रहे।

कमेंट करें
TxSDZ
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।