कागज के कप बनाकर एक लाख रुपए प्रतिमाह की कमाई कर रहे सलमान

Salman earning one lakh rupees per month by making paper cups
कागज के कप बनाकर एक लाख रुपए प्रतिमाह की कमाई कर रहे सलमान
मंडे पॉजिटिव कागज के कप बनाकर एक लाख रुपए प्रतिमाह की कमाई कर रहे सलमान

डिजिटल डेस्क, रीवा। शहर के वार्ड क्रमांक एक निपनिया निवासी 40 वर्षीय मो.सलमान इन दिनों प्लास्टिक की जगह कागज के कप बनाने का कार्य कर रहे हैं। जिस उम्र में अक्सर युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे होते हैं, उस समय सलमान को उनके बड़े भाई की सीख काम आई। उन्होने बताया कि एक बार पढ़ाई के दौरान उनके बड़े भाई ने कहा कि नौकरी की तलाश में भटकने की जगह स्वयं के व्यवसाय की तलाश जारी रखो। जिसे अपनाते हुए सलमान ने यह व्यवसाय शुरु किया । सलमान के अनुसार एक बार वह किसी कार्य से दिल्ली गया हुआ था तब उसने देखा कि यहां पर प्लास्टिक की जगह कागज के कप उपयोग में लाए जा रहे हैं। तभी मैंने निश्चय किया कि अपने क्षेत्र में भी कागज के कप बनाने का कार्य शुरू किया जाए। मालूम हो कि सलमान का यह व्यवसाय इसके पहले इस क्षेत्र में किसी ने शुरू नहीं किया था। कागज के कप बनाने का कार्य सबसे पहले उन्होने शुरू किया और वर्तमान में इस व्यवसाय के जरिए वह एक लाख रुपए प्रतिमाह तक की आमदनी कर रहे हैं।

सिर्फ छ: वर्ष में हासिल किया मुकाम

कागज के कप और ग्लास बनाते हुए सलमान को सिर्फ छ: वर्ष का समय हुआ है। 2015 से व्यवसाय की शुरुआत करने वाले सलमान को कोरोना काल के दो वर्ष भी झेलने पड़े हैं। जब व्यवसाय पूरी तरह ठप पड़े हुए थे।  

संभाग के चारों जिले में सप्लाई-

कागज के जिस कप और ग्लास का उत्पादन सलमान करते हैं उसकी सप्लाई सिर्फ स्थानीय जिले तक सीमित नहीं हैं। वह बताते हैं, कि उनके द्वारा निर्मित की गयी सामग्री संभाग के चारों जिलों रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिले में भी है। उन्होने बताया कि भविष्य में उनकी योजना प्रदेश के अन्य जिलों में भी सप्लाई करने की है। लेकिन अभी उनका उत्पादन भी कम है और उसके लिए जिन सुविधाओं की आवश्यकता है वह भी उपलब्ध नहीं है।

एक से शुरू कर तीन मशीन तक पहुंचे-

पेपर कप व्यवसायी सलमान का कहना है, कि उनके पास मशीन खरीदने के पैसे नहीं थे। ऐसे में शासन की योजनाओं का भी लाभ उठाया। जिससे उन्होने एक मशीन खरीदी और वर्तमान में उनके पास तीन मशीनें हैं। जिसमें आठ वर्कर पूरे वर्ष कार्य करते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण भी करते हैं।

2016 की बाढ़ भी नहीं तोड़ पाई हौसला-

निपनिया मोहल्ले के जिस हिस्से में सलमान की मशीन लगी हुई है वहां पर वर्ष 2016 के दौरान पूरी तरह बाढ़ का पानी भर चुका था। उनकी मशीन भी पूरे दो दिनों तक पानी में डूबी रही। मशीन के इलेक्ट्रानिक्स पार्ट खराब हो गए और सलमान को आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ी। बावजूद इसके सलमान के हौसले में कोई फर्क नहीं पड़ा और मशीन की दोबारा मरम्मत कराने के बाद वह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने लगे। वर्तमान में एक लाख रुपए प्रतिमाह की आय और आठ लोगों को रोजगार देकर वह खुश हैं। उनकी आय वर्तमान में उनके और परिवार के लिए आर्थिक सहारा बना हुआ है।
 

Created On :   2 May 2022 1:10 PM IST

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