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सतना -  सहारा ग्रुप की 99 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक, बेची गई जमीन की होगी जांच

सतना -  सहारा ग्रुप की 99 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक, बेची गई जमीन की होगी जांच

डिजिटल डेस्क सतना । सहारा ग्रुप के रियल स्टेट प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीनों की खरीदी-बिक्री करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है। जिला मुख्यालय से लगी रघुराजनगर तहसील के अंतर्गत आने वाली बेशकीमती 99 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री पर जहां कलेक्टर अजय कटेसरिया ने रोक लगा दी है। वहीं इसी मामले में हाइवे से लगी जमीनों के छोटे-छोटे टुकड़ों में बिक्री कर स्टाम्प ड्यूटी कम जमा किए जाने की जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर के आदेश से सहारा ग्रुप के नीती डेवलपमेंट एवं लिसिंग प्राइवेट लि. के नाम पर दर्ज जमीनों की खरीदी करने वालों को बड़ा झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर अजय कटेसरिया को रघुराजनगर तहसील के सरिसताल में सहारा इंडिया के नीती डेवलपमेंट एवं लिसिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज आराजी क्रमांक 25,26,27, 52/1/, 53 कुल रकवा- 4.5 हेक्टेयर के खसरा के कालम नंबर 12 में दर्ज स्टार माइनिंग लीज को बिना सक्षम अधिकारी के विलोपित कर जमीन के विक्रय कर अंतरण की जानकारी मिली। इसके बाद श्री कटेसरिया ने मप्र राजस्व संहिता 1959 की धारा 50 के तहत स्वमेव निगरानी में लेते हुए खसरे में दर्ज भू-स्वामियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही रघुराजनगर तहसील के सरिसताल और इटौरा में सहारा इंडिया नीती डेवलपमेंट एवं लिसिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज सभी आराजियों की बिक्री पर रोक लगा दी है। 
स्टाम्प ड्यूटी की भी होगी जांच 
 जिला प्रशासन के समक्ष सरिसताल में सहारा इंडिया के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जमीनों की खरीदी-बिक्री कलेक्टर गाइडलाइन से कम कीमत पर की गई है। उक्त जमीन हाइवे से लगी हुई है, जिसे छोटे-छोटे प्लाट में विभाजित कर पंजीयन शुल्क भी कम जमा किया गया है। इस मामले की जांच के लिए कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिला पंजीयक को आदेश दिए हैं। साथ-साथ रघुराजनगर तहसीलदार को सहारा इंडिया की सभी जमीनों के खसरा कालम नम्बर 12 में क्रय-विक्रय एवं नामांतरण पर रोक लगाए जाने के आदेश जारी किए हैं। 
हाइवे के किनारे छोटे प्लाटों की कराई रजिस्ट्री
 जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन के पास सतना-बेला फोरलेन और नागौद की ओर जाने वाले हाइवे के दोनों तरफ की जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर बिक्री की गई है। इस प्रक्रिया के अपनाए जाने से शासन को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हुआ है। इन्हीं सूत्रों की मानें तो इसी हाइवे से सहारा ग्रुप की जमीनें भी लगी हुई हैं। कई वर्ष पहले सहारा गु्रप ने सहारा सिटी होम्स के नाम से प्रोजेक्ट लाया था, जिसके लिए 99 एकड़ जमीन की खरीदी करके निवेशकों से राशि वसूली थी, मगर आर्थिक संकट में फंसने से सहारा गु्रप का यह प्रोजेक्ट मूर्तरूप नहीं ले सका और निवेशकों की मोटी रकम आज भी फंसी हुई है। हालांकि निवेशकों की राशि को वापस करने के लिए सेबी के द्वारा प्रक्रिया चल रही है।
इनका कहना है:—
रघुराजनगर तहसील के सरिसताल और इटौरा में सहारा इंडिया के नाम पर राजस्व अभिलेख में 99 एकड़ जमीन दर्ज है। इनमें से कुछ आराजियों की खरीदी-बिक्री किए जाने की जानकारी मिली है। इस आधार पर सहारा इंडिया से जुड़ी जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई है। 
अजय कटेसरिया, कलेक्टर
 

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