दैनिक भास्कर हिंदी: सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के निराकरण में सिंगरौली नगर निगम प्रदेश में प्रथम 

May 22nd, 2019

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली (वैढ़न)। नगर निगम ने सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों को संतुष्टि के साथ निराकरण में छह महीने बाद एक बार फिर शीर्ष पर काबिज हो गया है। प्रदेश के सभी नगर निगमों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। नगर निगम ने अप्रैल माह में प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण में 94.7 अंकों के साथ यह परीक्षा पास की है। नगर निगम उज्जैन को 90.27 अंकों के साथ दूसरा तथा नगर निगम जबलपुर को 84.78 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

ज्ञात हो कि नगर निगम में शिवेन्द्र सिंह ने निगमायुक्त की जिम्मेदारी संभालने के बाद अप्रैल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री  को दिये आश्वासन के बाद जो रफ्तार पकड़ी थी। वह पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान मंद पड़ गई थी। जुलाई 2017 के बाद के 18 महीनों में तो नगर निगम ने लगातार 15 बार पहले स्थान पर रहकर एक रिकार्ड ही कायम कर दिया था। लोकसभा चुनाव से फुर्सत पाने के बाद निगमायुक्त ने फिर से इधर फोकस किया और पहले ही महीने में अव्वल आए।

उल्लेखनीय है कि हमेशा से प्रतिद्वंदी रहा रतलाम नगर निगम इस बार चौथे नंबर पर आया है। निगमायुक्त सिंह ने मंगलवार को नगर निगम सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की और शीर्ष स्थान बरकरार रखने पर जोर दिया। पेयजल की समस्या से जुड़े प्रकरणों का प्रथम लेवल पर ही समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। 

सिंगरौली जिला दूसरे नंबर पर
सीएम हेल्पलाइन के संतुष्टि पूर्ण निराकरण में सिंगरौली जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। सिंगरौली से ऊपर सिर्फ उज्जैन जिला है और उसने 73.11 प्रतिशत स्कोर किया है। जबकि सिंगरौली ने 67.21 प्रतिशत का स्कोर करते हुए यह स्थान हासिल किया है। तीसरे नंबर पर छतरपुर जिले का नंबर आता है और उसने 66.82 फीसदी स्कोर किया है। चौथा नंबर जबलपुर जिले का है। वह मात्र कुछ अंकों से तीसरा स्थान हासिल करने से वंचित रह गया। जबलपुर को 66.29 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं।

ज्ञात हो कि सिंगरौली जिला कलेक्टर अनुराग चौधरी के जमाने में कई महीनों तक नंबर वन की पोजिशन पर काबिज रहा था। अब फिर रफ्तार पकड़ रहा है, आने वाले महीनों में अव्वल आ सकता है। 

जिला पंचायत की स्थिति नहीं सुधरी
कलेक्टर अनुराग चौधरी के जमाने में जिला पंचायत ने भी काफी काम किया था, जिससे उसकी रैंकिंग में भारी सुधार हुआ था। जिला पंचायत भी तीसरे और चौथे स्थान तक पहुंचने लगा था। लेकिन चुनावी व्यस्तता के चलते उनका प्रदर्शन भी काफी खराब हुआ है। अप्रैल के महीने में तो जिला पंचायत को प्रदेश में 15 स्थान मिला है। हालांकि 62.2 फीसदी अंक लाकर पास तो फर्स्ट डिवीजन में हुआ है, लेकिन मेरिट में स्थान बनाने में कामयाब नहीं हो पाया है। सागर जिला पंचायत 81.58 फीसदी स्कोर के साथ पहले नंबर पर आया है, उज्जैन जिपं 74.68 फीसदी स्कोर के साथ दूसरे और टीकमगढ़ 73.41 फीसदी स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहा है।