सामाजिक समागम 2022: रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में एनएसएस ईकाई द्वारा सामाजिक समागम 2022 का आयोजन

June 30th, 2022

हाईलाइट

  • समाज ही व्यक्ति का मूल है बिना समाज के व्यक्ति की कल्पना नहीं की जा सकती- डॉ विजय सिंह
  • सामाजिक समागम समाजसेवा का मिनी कुंभ साबित होगा- कुलसचिव डॉ विजय सिंह

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में सामाजिक समागम 2022 का आयोजन विश्वविद्यालय में किया गया। जिसमे समाजसेवा, साहित्य, संस्कृति, पर्यावरण इत्यादि क्षेत्रों में कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया‌। 'परस्पर सहयोग एवं समायोजन का भाव' के उद्देश्य के साथ आयोजित इस समागम में 'बचपन निवसिड' के श्री राजीव भार्गव ने बच्चों, युवाओं व महिलाओं पर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में अनेक योजनाएं होने के बावजूद उन पर अलग से विस्तृत नीति न होने के कारण उनके अनेक मुद्दे हाशिए पर पड़े हुए हैं। जैसे कुपोषण आज भी एक चुनौती बना हुआ है। इसके जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार के अलावा यूथ को भी आगे आना होगा। बिना यूथ की सक्रियता के किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है। वर्तिका कल्चरल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष दुर्गा मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ मिलकर शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत को गरीब बस्तियों में ले जाने की बात कही।

वहीं 'सुख-शांति भवन' की प्रोग्राम ऑर्गनाइज़र सुश्री हेमा दीदी ने विश्वविद्यालय के साथ 'नशामुक्ति अभियान' को बड़े पैमाने पर चलाए जाने की बात कही। यूथ फार सेवा के श्री अतुल विश्वकर्मा ने ऐसी सरकारी योजनाओं पर काम करने की इच्छा जताई जिनको तात्कालिक फायदों से अधिक दीर्घकालिक फायदे अधिक होते हैं। अपना भोपाल ग्रुप के संस्थापक डॉ अरुणेश्वर सिंह सुनहरा ने रक्तदान सहित सभी तरह की सामाजिक गतिविधियों में सहयोग करने तथा उसको राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने का जिम्मा लिया। साथ ही उन्होंने हस्तशिल्पी जैसे कलाकारों को भी एक मंच पर लाने का सुझाव दिया।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन तथा विश्वविद्यालय का परिचय देते हुए कुलसचिव डॉ विजय सिंह ने कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के समय से ही समाज की सेवा को अपना प्राथमिक उद्देश्य माना है। क्योंकि समाज से ही व्यक्ति का अस्तित्व होता है बिना समाज के या तो कोई देवता ही रह सकता है या कोई पशु। आज का यह समागम समाजसेवा का मिनी कुंभ साबित हो ऐसा प्रयास हम करेंगे। समागम का परिचय प्रो वाइस चांसलर डॉ संगीता जौहरी ने दिया ।कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी श्री गब्बर सिंह ने एवं आभार ज्ञापन डॉ रेखा गुप्ता ने किया। मुख्य उपस्थिति आईक्यूऐसी के एकेडमिक कोर्डिनेटर श्री पद्मेश चतुर्वेदी की रही।

बचपन निवसिड, 'यूथ फॉर सेवा', 'हम साथ हैं', हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर,  'वर्तिका  कल्चरल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी', 'अपना भोपाल ग्रुप', 'सुख-शांति भवन', 'ई-पोस्ट भोपाल', 'रोटरी क्लब' सहित 12 सामाजिक संगठनों ने सहभागिता की।

मुख्य भूमिका श्रेया शर्मा, यूथ लीडर शबनम कुमारी, ज़िकरा खान, दलनायिका चित्रांशी मीना तथा अविनाश कुमार, अनुराग भारती, प्रिंस ठाकुर, दिलशाद खान इत्यादि स्वयंसेवकों की रही।