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जीवित पत्नी को मृत दिखाकर ले लिया मृत्यु सहायता का लाभ

जीवित पत्नी को मृत दिखाकर ले लिया मृत्यु सहायता का लाभ

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (वैढऩ)। संबल योजना के तहत दो मामलों में फर्जीवाड़ापाये जाने पर जनपद पंचायत सीईओ बीके सिंह ने ग्राम पंचायत कोटिया के प्रधान व धनहरा के सचिव के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  उधर कार्रवाई शुरू होते ही समस्त शाखा प्रभारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोटिया निवासी रमशकली के पति ने संबल योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। जिसमें उसने जीवित पत्नी की मृत्यु का प्रमाण पत्र लगाते हुए मृत्यु सहायता की मांग की थी। हैरत करने वाली बात यह है कि सरपंच ने उस आवदेन को सत्यापित करते हुए अपने हस्ताक्षर को भी उचित ठहराया था। लेकिन जब इस प्रकरण की जांच कराई गई तो मृतक रशम कली जीवित पाई गई। जिसकी जानकारी होते ही जनपद पंचायत सीईओ ने प्रधान को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आवेदन में आपके द्वारा तस्दीक की गई है कि 15 मार्च को रशमकली प्रजापति बीमारी के कारण मर चुकी है। जबकि सचिव राममनोहर साकेत ने अपने अभिकथन में स्वीकार किया है कि विगत दो वर्षों से ग्राम पंचायत में संबल योजना के तहत लाखों रूपए का घोटाला हो चुका है इसलिए 12 जून को कार्यालय में आकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें।
दूसरी बार लाभ लेने किया आवेदन
दूसरा मामला ग्राम पंचायत धनहरा से जुड़ा हुआ है। धनहरा निवासी सीता कुमारी नामदेव ने लोक सेवा केंद्र में आवेदन देकर संबल योजना से चार लाख रूपए का लाभ ले चुकी है। वहीं कुछ दिनों बाद जनपद पंचायत वैढऩ में आवेदन देकर पति शंकर नामदेव की मौत के बारे में बताया था कि 12 सितंबर 2019 को करंट लगने से हुई है। इसलिए संबल योजना का लाभ दिलावाया जाये। उसके कथन को सचिव अनिल पांडेय ने तस्दीक करते हुए जनपद में जमा कराया था। जिसकी जानकारी होने पर जनपद सीईओ ने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 11 जून को कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण की मांग की है। बताया जाता है कि संबंधित शाखा प्रभारी द्वारा दूसरी बार राशि भुगतान के लिए शासन के पोर्टल पर फारवर्ड भी कर दिया था। लेकिन तभी सबंल शाखा दूसरे के हाथ में चली गई। इसके बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
फाइल निकालने को लेकर हुई झूमाझटकी
फर्जीवाड़े का केंद्र बन चुकी संबल व कर्मकार योजना की फाइल निकालने को लेकर जनपद पंचायत वैढऩ में झूमाझटकी होना भी बताया जा रहा है। जनपद कर्मियों की मानें तो शाम को रिलीव हो चुके संबल व कर्मकार योजना के निवर्तमान शाखा प्रभारी आशुतोष तिवारी मंगलवार की शाम को कार्यालय आये थे। इसी बीच शाखा का ताला खोलकर फाइल निकाल रहे थे। तभी इसकी जानकारी बाबू राजेश पांडेय को हो गई। उन्होंने फाइल ले जाने पर ऐतराज जताते हुए कहाकि स्थापना शाखा के प्रभारी के अलावा आप कैसे फाइल ले जा सकते हैं? इसके बाद वहां उपस्थित लोगों ने किसी तरह बीच बचाव करके मामला शांत कराया।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।