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3 फरवरी से चलेगी टनकपुर-सिंगरौली-टनकपुर स्पेशल एक्सप्रेस , अगले आदेश तक रहेगी यथावत

3 फरवरी से चलेगी टनकपुर-सिंगरौली-टनकपुर स्पेशल एक्सप्रेस , अगले आदेश तक रहेगी यथावत

डिजिटल डेस्क सगरौली (मोरवा)। यात्रियों की समस्या को संज्ञान में लेते हुए आखिरकार पूर्वोत्तर रेलवे ने मंगलवार की शाम 5 बजे जारी फरमान में टनकपुर-सिंगरौली-टनकपुर स्पेशल एक्सप्रेस (त्रिवेणी एक्सप्रेस) को चलाने का निर्णय ले लिया है। यह ट्रेन टनकपुर से 3 फरवरी को सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर चलेगी और सिंगरौली 4 फरवरी को सुबह 7 बजकर 55 मिनट पर पहुंचेगी तथा शाम 16 बजकर 15 मिनट पर पुन: टनकपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन विशेष ट्रेन के रूप में अगले आदेश तक संचालित की जायेगी। इस ट्रेन को त्रिवेणी एक्सप्रेस की तर्ज पर तीन दिन सिंगरौली मंगलवार, गुरूवार, शनिवार और चार दिन शक्तिनगर से चलाया जायेगा। इस विशेष ट्रेन को टनकपुर से 05074 टनकपुर सिंगरौली और 05073 ङ्क्षसगरौली से टनकपुर ट्रेन क्रमांक से चलेगी। शक्तिनगर से यह ट्रेन क्रमांक 05075/76 से संचालित होगी। टाइमिंग भी त्रिवेणी एक्सप्रेस की ही होगी लेकिन इस ट्रेन को त्रिवेणी एक्सप्रेस की बजाय स्पेशल ट्रेन मानकर संचालित किया जायेगा। लम्बे समय से बंद इस ट्रेन को चलाए जाने से लेकर इस रूट के यात्रियों में उम्मीद जगी है। लेकिन इतना जरूर कहा जा रहा है कि इसे मकर संक्रांति पर ही चला दिया जाना चाहिए था। जिससे लोग प्रयागराज पहुंच कर गंगा स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त कर पाते। 
प्रयास रहा सार्थक
इस रूट पर एकमात्र टे्रन को चलाए जाने को लेकर दैनिक भास्कर ने रेल यात्रियों की समस्या को रेल प्रबंधन तक पहुंचा कर जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा की। जिसके उपरांत इस ट्रेन को विश्ेाष ट्रेन के रूप में चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस ट्रेन के चलने से सिंगरौली और सोनभद्र के     सैकड़ों लोगों को मिर्जापुर, प्रयागराज, रायबरेली, लखनऊ, बरेली और टनकपुर तक यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। 
सिंगरौली-वाराणसी इंटरसिटी भी चले
सिंगरौली से वाराणसी के लिए चलने वाली इंटरसिटी एक्सपे्रस भी लम्बे अरसे से बंद है। स्थानीय यात्रियों की मांग है कि इस ट्रेन को भी चलाया जाय, जिससे सिंगरौली के व्यवसायियों व अन्य वर्ग को बनारस की यात्रा सुगम हो सके। रेल प्रशासन इस ट्रेन को भी विशेष ट्रेन व कोविड-19 गाइड लाइन के तहत चलाए। जो कि सिंगरौली, शक्तिनगर और सोनभद्र के चोपन तक की आबादी के लिए सबसे सुविधाजनक ट्रेन है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।