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 शिक्षक नहीं बता सके महाद्वीपों के नाम, कलेक्टर बोले-पहले खुद पढ़ें

 शिक्षक नहीं बता सके महाद्वीपों के नाम, कलेक्टर बोले-पहले खुद पढ़ें

डिजिटल डेस्क,टीकमगढ़। जिले के सरकारी स्कूलों की लगातार मिल रहीं शिकायतों के चलते जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाने का फैसला लिया है। गुरुवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने एक शिक्षक से सात महाद्वीप के नाम पूछे तो वे नहीं बता पाए। जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से ऐसी आशा नहीं है। उन्होंने स्कूलों में विश्व मानचित्र और भारत का मानचित्र लगाने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अतिथि शिक्षक भी ऐसे नियुक्त किए जाएं, जिनको सामान्य ज्ञान हो। जिन अतिथि शिक्षकों को यदि विषय की जानकारी नहीं हो तो उनको तत्काल हटाया जाए। उन पदों पर पुन: योग्य अतिथि शिक्षकों को नियुक्त करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि शिक्षक पहले स्वयं शिष्टाचार सीखें, फिर छात्रों को सिखाएं। उन्होंने डीईओ और संकुल प्राचार्यों को निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों से लंबे समय से गैरहाजिर शिक्षकों पर कार्रवाई की जाए। इस संबंध में बुढ़ेरा में लम्बे समय से अनुपस्थित शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसी को नोटिस जारी करने का आदेश जारी किया है।
 

शिष्टाचार जब शिक्षकों में होगा, तभी बच्चों को दे पाएंगे

कलेक्टर सुमन ने बीआरसी के कार्यों की समीक्षा करते हुए नराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बीआरसी को पता ही नहीं होता है कि कमियां कहां-कहां पर हैं। उन्होंने कहा कि समस्त बीआरसी को अपने क्षेत्र की और अधिक जानकारी हो। साथ ही उन्होंने मैपिंग करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्त बीआरसी अगली मीटिंग तक पूरी मैपिंग कर जानकारी प्रस्तुत करेंगे। सुमन ने कहा कि शिष्टाचार जब शिक्षकों में होगा, तभी बच्चों को दे पाएंगे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी, जिले के संकुल प्राचार्य, बीआरसी, बीएसी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। 

12 नहीं 48 बार निरीक्षण करें  

सुमन ने कहा कि शिक्षा विभाग के संबंधित सभी अधिकारी माह में भ्रमण पर 12 बार नहीं, बल्कि 48 बार जाएं, जिससे व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे। संकुल प्राचार्यों से उम्मीद जाहिर की है कि सभी स्कूलों के फॉर्म समय पर, सही ढंग से भरे जाएं। सभी प्राचार्य वॉट्सअप पर जानकारी दें कि कौन से प्राचार्य कब स्कूल आए तथा कब स्कूल खोला गया, जो प्राचार्य, शिक्षक अनुपस्थित होगा, इसकी जानकारी भी देंगे। उन्होंने कहा कि फ्रिंगर प्रिंट मशीनें 15 दिनों में ठीक की जाएं, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। सरकारी रिकॉर्ड की हेरफेर करने पर मामला दर्ज होगा।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।