कल्पवृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को प्राप्त हुआ था ज्ञान: पन्ना के चिटाकुआं ग्राउंड में है प्रदेश का एकलौता कल्पवृक्ष

May 17th, 2022

डिजिटल डेस्क, पन्ना। वेद और पुराणों में कल्पवृक्ष का उल्लेख मिलता है। कल्पवृक्ष स्वर्ग का एक विशेष वृक्ष बताया जाता है। पौराणिक धर्मग्रंथों और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह माना जाता है कि इस वृक्ष के नीचे बैठकर व्यक्ति जो भी इच्छा करता है वह पूर्ण हो जाती है। क्योंकि इस वृक्ष में अपार सकारात्मक ऊर्जा होती है। पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान उत्पन्न हुए 14 रत्नों में से एक कल्पवृक्ष की भी उत्पत्ति हुई थी। समुद्र मंथन से प्राप्त यह वृक्ष देवराज इन्द्र को दे दिया गया था और इन्द्र ने इसकी स्थापना सुरकानन वन हिमालय के उत्तर में कर दी थी। यह वृक्ष बहुत ही दुर्लभ बताया जाता है जिसमें कभी पतझड़ नहीं आता यह दुर्लभ वृक्ष संपूर्ण मध्यप्रदेश में केवल इकलौता पन्ना नगर के चिटाकुआं ग्राउंड में भी बताया जा रहा है। जिसके दर्शन करने और इस वृक्ष के नीचे साधना करने आज भी दूरदराज के साधु संत यहां पहुंचते हैं।