रीवा: सीमावर्ती प्रयागराज और मिर्जापुर जिले में भारी वर्षा होगी, तो रीवा में रहेगी बाढ़ की आशंका

May 10th, 2022

डिजिटल डेस्क, रीवा। कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में रीवा जिले में बाढ़ के कारण व बचाव को लेकर सोमवार को मंथन किया गया। इस दौरान बड़ी बात निकलकर कर सामने आई कि सीमावर्ती प्रयागराज और मिर्जापुर जिले में भारी बारिश होती है, तो रीवा जिले में बाढ़ आने की अशंका बढ़ जाती है। जबकि रीवा जिले में भारी बारिश होती है, तो बीहर व बिछिया के जलग्रहण से कुछ क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनेगी। इन स्थिति को देखते हुए एक्सपर्ट ने सलाह दी कि मानसून के मौसम में पड़ोसी जिले से सूचनाओं का आदान प्रदान के लिए बेहतर समन्वय होना चाहिए। कलेक्टर मनोज पुष्प ने कहा कि रीवा शहर तथा त्योंथर क्षेत्र के सौ से अधिक गांव बाढ़ से मुख्य रूप से प्रभावित होते हैं। इसका मुख्य कारण टमस नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा एवं उत्तरप्रदेश के बेलन नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में एक साथ भारी वर्षा होना है। बाढ़ से निपटने के लिए सूचनाओं का समय सटीक रूप से मिलना आवश्यक है।

पूर्व अनुमान का प्रतिवेदन बनाएं-

कलेक्टर ने कहा कि गत 10 वर्षों के इन नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के आंकड़े के आधार पर वर्षा के पूर्व अनुमान के लिए प्रतिवेदन बनाएं। आंकड़ों का विश्लेषण करके बांधों की जल क्षमता, वर्षा की गति तथा जल निकासी की सुविधा के अनुसार जल प्रबंधन की व्यवस्था करें। इसके लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारी पूरी कार्ययोजना तैयार करके सिस्टम बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित करें।

संसाधन जुटाएं-

कलेक्टर ने कहा कि जिला सेनानी होमगार्ड बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए नाव, रस्सी, सर्च लाइट तथा अन्य उपकरण की आवश्यकता के अनुसार तत्काल खरीद करें। बाढ़ आशंकित क्षेत्रों में इनका डिमांस्ट्रेशन 15 दिवस के अंदर करें। जिन गांवों में बाढ़ की आशंका हो वहाँ कम से कम पांच व्यक्तियों के मोबाइल नम्बर जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में उपलब्ध कराएं जिससे संकट के समय आवश्यक सूचनाएं प्राप्त हो सकें। इन गांवों में पदस्थ कर्मचारियों के भी मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से प्राप्त करें।

अतिक्रमण हटाए निगम-

कलेक्टर ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी शहर के प्रमुख नालों की साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तत्परता से करें। बाढ़ से निपटने के लिए जिला स्तरीय कार्ययोजना एवं ग्रामवार कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनएन मिश्रा, कार्यपालन यंत्री पीएचई शरद सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
 

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