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ट्रक की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी और भांजे की दर्दनाक मौत

ट्रक की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी और भांजे की दर्दनाक मौत



डिजिटल डेस्क छतरपुर।  कोरोना महमारी से बचने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 22 मार्च से लॉकडाउन लगाया गया था। दो माह से अधिक दिन तक चले लॉकडाउन के दौरान आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। इससे लोग इस महामारी से तो बचे ही एक्सीडेंट की घटनाएं भी करीब-करीब शून्य हो गईं थीं। अनलॉक शुरू होते ही पूरे देश में आवागमन शुरू हो गया है। इसका असर यह है कि अब दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटे में जिले में दो गंभीर सड़क हादसे हुए। इन हादसों चार लोगों की मौत हो गई। एक हादसा बमीठा थाना क्षेत्र के झमटुली गांव के पास हुआ। यहां एक बाइक पर सवार होकर तीन लोग जा रहे थे, पीछे से ट्रक चढ़ गया। इसमें पत्नी एवं भांजे की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चालक पति को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पति को इलाज के लिए एंबुलेंस का करीब 40 मिनट से अधिक समय तक इंतजार भी करना पड़ा। दूसरा सड़क हादसा बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के लखनगवां तिराहा पर हुआ। यहां कार चालक ने एक को रौंद दिया। इसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
रिश्तेदारी में जा रहे बाइक पर सवार पति-पत्नी और भांजे को ट्रक ने रौंदा
थाना बमीठा क्षेत्र के झमटुली गांव के पास रामघाट के निकट एक बाइक को ट्रक ने रौंद दिया। जखरौन गांव निवासी कम्मोद पिता सोहन लाल पटेल (25) अपनी बाइक ( एमपी 16- एमएम-4080) पर अपनी पत्नी हल्की बाई (23) के साथ रिश्तेदारी में ओटापुरवा जा रहा था। झमटुली गांव में वह अपनी बहन के यहां पहुंचा तो भांजा सौरभ पटेल (10) भी उनके साथ ओटापुरवा जाने के लिए तैयार हो गया। कम्मोद ने सौरभ को भी बाइक में बैठा लिया। झमटुली गांव से बमुश्किल दो किमी ही निकले होंगे कि एक ट्रक (एनएल 01-एन-7557) के चालक ने पीछे से ट्रक चढ़ा दिया। इस हादसे में हल्की बाई और सौरभ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि कम्मोद को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। ट्रक चालक ट्रक को छोड़कर भाग गया।
40 मिनट तक करते रहे एंबुलेंस का इंतजार-
यह एक्सीडेंट शनिवार को शाम करीब 6 बजकर 45 मिनट पर हुआ। बमीठा थाना पुलिस ने बताया कि उनके पास 6 बजकर 52 मिनट पर एक्सीडेंट की सूचना मिली। इस पर एंबुलेंस भेजने के लिए सूचित किया गया। जिला अस्पताल से एंबुलेंस करीब 40 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान घायल कम्मोद पटेल का भी काफी खून बह गया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। बमीठा थाना पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है। ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कार ने दो बाइक को टक्कर मारी, एक युवक की मौत-
बड़ामलहरा7 पुलिस थाना इलाके के लखनवा तिराहे पर शुक्रवार की देर रात एक एक्सीडेंट हो गया। बमनौरा थाना क्षेत्र के हसरी गांव निवासी 28 वर्षीय वीर सिंह पिता काशीराम यादव, बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के बमनकोला गांव अपने बहनोई शिवराज पिता सरमन यादव के घर मोटर साइकिल पर सवार होकर जा रहा था, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। इसमें वीर सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसी कार ने खिरकुवां गांव निवासी 50 वर्षीय धनीराम पिता बल्दुआ यादव, रामेश्वर पिता नारायण यादव निमंत्रण में भुजपुरा जा रहे थे। तभी टक्कर मार दी जिसमें दोनों घायल हो गए। जांच अधिकारी एएसआई एनआर दुबे ने बताया कि मौके से कार की नम्बर प्लेट बरामद हुई है। जिस पर एमएच 05 एबीएफ 2221 नम्बर लिखा है। मामला दर्ज कर उक्त प्लेट पर लिखे नम्बर के आधार पर कार की तलाश की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।