अमरावती: शराब पीकर करता था गालीगलौज, नाना-नानी और मौसी ने मिलकर कर दी हत्या

May 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, मोर्शी (अमरावती) । शराब के नशे में धुत होकर रोज-रोज गालीगलौज से परेशान होकर मोर्शी के राजुरवाड़ी में नाना-नानी ने अपने 18 वर्षीय नाती की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद लाश को गांव के ही स्कूल में फेंक दिया। घटना 24 मई को सुबह 10 बजे प्रकाश में आने के बाद शिवखेड़ पुलिस ने छानबीन कर मामले में मृतक के नाना-नानी और मौसी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।   जानकारी के अनुसार मृतक युवक का नाम मयूर राजेश लाेहे (18) है। वह मोर्शी तहसील के शिरखेड़ थाना क्षेत्र में आने वाले राजुरवाड़ी गांव का निवासी है। मयूर के मां की मृत्यु होने के बाद उसके पिता नागपुर में रहने गए। तभी से मयूर राजुरवाड़ी में अपने वृद्ध नाना-नानी के साथ रहता था। इसी बीच मंगलवार 24 मई को मयूर राजेश लोहे का शव भारतीय विद्यालय के तार के कम्पाउंड के पास दिखने से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस पटेल अतुल बोंडे ने मामले में शिरखेड़ पुलिस में शिकायत दर्ज की। 

खबर मिलते ही मोर्शी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी निलेश पांडे, शिरखेड़ के थानेदार हेमंत कडूकार गांव  पहुंचे। मृत युवक के शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्शी के उपजिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद मयूर लोहे के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसी दौरान पुलिस ने गांव मेंं जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि मयूर आए दिन शराब पीकर हमेशा ही अपने नाना-नानी को परेशान करता था। इस कारण मयूर के नाना-नानी ने उसकी मौसी को यह बात बताई। तीनों ने मिलकर मयूर की हत्या की साजिश रची। सोमवार 23 मई की रात के दौरान तीनों ने मिलकर रात में सोते समय गला घोंटकर मयूर की हत्या कर दी और लाश गांव के भारतीय विद्यालय के तार कम्पाउंड के पास फेंक दी। पुलिस ने मामले में मृतक मयूर के नाना गणपत उपासराव कंठाले व गणपत की पत्नी और मृतक की मौसी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया है।  पुलिस ने घटनास्थल पर श्वान पथक की भी मदद ली थी। शिरखेड़ के थानेदार हेमंत कडूकर के मार्गदर्शन में पुलिस सिपाही मनोज टप्पे, निलेश देशमुख, रामेश्वर इंगाेले, प्रभाकर चव्हाण, समीर मानकर, विजय टेकाडे, रमेश नेवारे आदि जांच में जुट गए हैं। 

मामा की मृत्यु के बाद मिली राशि पर थी मयूर की नजर
जानकारी के अनुसार मृतक मयूर अपने नाना-नानी के घर रहता था उन्हें एक बेटा भी था। जिसकी पिछले वर्ष ही गाज गिरने सेे मृत्यु हो गई था। नैसर्गिक आपदा में हुई मृत्यु के कारण मयूर के नाना-नानी को सरकार की ओर से 5 लाख रुपए की मदद मिली थी। इस 5 लाख रुपए पर मयूर की नजर थी। इस कारण वह शराब पीकर घर आने के बाद नाना-नानी से गालीगलौज और मारपीट भी करता था। दो दिन पहले ही इस हत्याकांड में शामिल मयूर की मौसी पुलगांव से अपने वृद्ध माता-पिता को मिलने राजुरवाड़ी आई थी। तभी शराब पीने के बाद मयूर ने नाना-नानी से गालीगलौज करते हुए अपनी मौसी के हाथ को उसने दांतों से कांट लिया था। जिससे मयूर की मौसी ने भी हत्या में अपनेे माता-पिता की मदद की। ऐसा पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है।