दैनिक भास्कर हिंदी: ग्रीन मैरिज - बैलगाड़ियों से आई बारात, हरित मंडप में विवाह, बारातियों को भेंट किए पौधे

June 28th, 2018

डिजिटल डेस्क, छतरपुर। यहां पर्यावारण को सुरक्षित रखने और बैक टू नेचर का संदेश देते हुए एक ऐेंसा विवाह आयोजित किया गया कि उसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की नरैनी तहसील की ग्राम पंचायत मोहनपुर खलारी गांव में 25 जून को अनूठा विवाह आयोजित किया गया। यहां संपन्न किसान संतोष कुमार पटेल की बेटी प्रीति का विवाह सरबई गांव के सुरेन्द्र पटेल से हुआ।

बुंदेली अंदाज में स्वागत
इन दोनों परिवारों ने शादी तय करते समय यह निश्चित किया था कि वे बेटी का विवाह पूरी तरह से बुंदेली अंदाज में और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर करेंंगे। इस पर सुरेन्द्र के परिजन बैलगाड़ियों से बारात लेकर पहुंचे। बैलों को नहलाकर उन्हें आकर्षक ढंग से सजाया गया। करीब आधा सैकड़ा बैलगाड़ियां जब नरैनी होकर मोहनपुर खलारी गांव पहुंची तो लोगों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।

 

आम और जामुन के पत्तों का मंडप
मंडप से लेकर भोजन तक में रखा पर्यावरण का खयाल संतोष कुमार ने अपनी बेटी की शादी में घर के बाहर और जनवासे को आम-जामुन के पत्तों से सजाया। तोरणद्वार से लेकर मंडप तक में सिर्फ पत्तों और फूलों से सजाया गया। बारात में डीजे, स्पीकर, साउंड देखने को भी नहीं मिले। दूल्हा पालकी में सवार होकर प्रीति के दरवाजे तक पहुंचा। पालकी उठाने के लिए पास के गांव रानीपुर से कहार बुलाए गए। भोजन के व्यंजन पूरी तरह से बुंदेली ही थे।

विदाई में दिए बारातियों को पौधे
बैक टू नेचर का संदेश देती इस शादी को देखने के लिए न केवल मोहनपुर खलारी के, बल्कि आसपास के कई गांव के लोग जागते रहे। शादी की रस्मों में जब प्रीति और सुरेन्द्र ने सात फेरे लिए तो उन्होंने मंडप में पौधारोपण कर उसे पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए ताउम्र देखभाल करने का वचन लिया। 26 जून को जब विदाई का समय आया तो बेटी के परिजनों के साथ उत्तर प्रदेश वन विभाग के दो रेंजर व जेके जायसवाल आंवला के पौधे लेकर खड़े हो गए।