दैनिक भास्कर हिंदी: बॉयफ्रेंड के साथ पत्नी को सोता देख पति ने उठाया ये खौफनाक कदम

December 16th, 2017

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (वैढऩ)। आखिरकार 23 दिन बाद सोलंग गांव के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी मोरवा पुलिस ने सुलझा ली। मामले में शुरूआत से ही अवैध संबंध को लेकर मृतक पंकज की हत्या करने का जो संशय बना हुआ था उसी को आधार बनाकर पुलिस ने अपनी जांच को जारी रखा और कड़ी मशक्कत के बाद मुख्य आरोपी तक पहुंच गई। बताया जाता है कि पंकज की हत्या उसकी पे्रमिका के पति धनेश साकेत ने अपने घर पर ही की थी। खुद आरोपी धनेश ने अपने बयान में पुलिस को बताया है कि वारदात की देर रात पंकज उसके घर उसकी पत्नी के पास दीवार कूदकर आया था। वह बगल के कमरे में सो रहा था और उसकी पत्नी दूसरे कमरे में सिलाई मशीन पर काम कर रही थी। लेकिन दीवार कूदने दौरान ही कुछ आहट धनेश के कानों पर पड़ी और वह उठ गया। जिसके बाद वह अपनी पत्नी के कमरे में गया तो वहां पंकज और अपनी पत्नी को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर चांक गया। इसके बाद उसका पारा चढ़ गया और किचन में पड़े चाकू उठाकर उसने तत्काल पंकज पर प्रहार कर दिया। उसने पंकज के गले पर दो बार प्रहार किया और पंकज वहीं पर गिर गया। बताया जाता है कि इस दौरान पंकज नशे में था और तो वह बीच-बचाव की कोशिश भी नहीं कर सका। पंकज पर चाकू से हमला करने के बाद धनेश और उसकी पत्नी ने मिलकर पंकज को बगल के कुएं में डाल दिया। हमले में पकंज के शरीर से फर्श पर गिरे खून के धब्बों को भी साफ कर दिया गया।
वारदात के बाद आरोपी चला गया ड्यूटी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी धनेश रोजाना की तरह अपनी सुबह 5 बजे की ड्यूटी पर चला गया। ताकि उस पर किसी को कोई शक न हीं हो। वह एनसीएल में सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी करता है। ड्यूटी जाने के बाद उसने घबराहट में अपनी पत्नी को 15-20 बार फोन करके पूछताछ भी किया था। इसका सुराग पुलिस को भी अपनी छानबीन में मिला। हालांकि पूछताछ में धनेश व उसकी पत्नी ने एक बार ही बात होना बताया।
काफी पहले से चल रहा था मृतक का प्रेमप्रसंग
मामले की छानबीन में तरह-तरह की चर्चाओं के बाद पुलिस को एक अहम सुराग तब मिला। जब मृतक पंकज का आरोपी धनेश की पत्नी के साथ प्रेमप्रसंग काफी पहले से चल रहा था और पिछले वर्ष इसे लेकर दोनों के बीच खास विवाद भी हो गया था। क्योंकि जब धनेश की पत्नी कुएं पर नहा रहा थी तो पंकज ताक-झांक कर रहा था और जिस पर धनेश ने पंकज को डाटा भी था। इसके बाद विवाद ज्यादा होने पर एक सामाजिक बैठक तक करनी पड़ी थी।
ये रही जांच टीम
मामले की जांच व खुलसा पुलिस अधीक्षक विनीत जैन, एएसपी सूर्यकांत शर्मा व एसडीओपी डॉ. कृपाशंकर द्विवेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मोरवा आरपी मिश्रा व उनकी टीम ने की। इसमें उनि सरनाम सिंह बघेल, अरविंद सिंह ठाकुर, शीतला यादव, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, अनिल मिश्रा, शिवेन्द्र सिंह, प्रमोद तिवारी, प्रतीक, अजय सिंह, राजबहोर प्रजापति, राहुल सिंह, विजय तिवारी, अनूप मिश्रा, त्रिवेणी तिवारी, रविदत्त पांडेय, राजीव व मंगलेश्वर सिंह आदि अहम भूमिका में रहे।