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पति की मौत के बाद परेशान थी महिला, सीएम के ट्वीट के बाद मिली मदद 

पति की मौत के बाद परेशान थी महिला, सीएम के ट्वीट के बाद मिली मदद 

डिजिटल डेस्क छतरपुर । जिंदगी में उतार-चढ़ाव और मुसीबतों का सामना करने वाले लोग भी कोरोना संक्रमण काल में लॉक डाउन के कारण हताश और मजबूर हो गए हैं। जीवन में कैसी भी परेशानी आई हो, जिन्होंने कभी मदद की गुहार नहीं लगाई, वे भी अब मजबूर हो गए हैं। सीताराम कॉलोनी निवासी मंजू दुबे के पति का कैंसर के कारण 2018 में निधन हो गया था। पति के जाने के बाद बेसहारा महिला सिलाई का काम करके अपनी बेटी और बेटे को पढ़ा रही है। बेटी कॉलेज में पढ़ती और बेटा 11वीं में पढ़ रहा है। पति के जाने के बाद से उसे बीपीएल राशन कार्ड से राशन मिलना भी बंद हो गया। फिर भी महिला ने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष जारी रहा। लेकिन लॉकडाउन में ऐसी हिम्मत वाली महिला का हौसला भी जवाब दे गया। मजबूर महिला की व्यथा को छतरपुर निवासी निखिल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को ट्वीट कर दिया। इसके बाद सीएम ऑफिस से कमिश्नर सागर, कलेक्टर, पूर्व नपा अध्यक्ष अर्चना सिंह और जनसंपर्क अधिकारी छतरपुर को ट्वीट पर महिला की मदद के लिए संदेश आया। इसके बाद अर्चना सिंह ने सबसे पहले पहल करते हुए महिला की मदद की। वहीं कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने भी अधीनस्थ अमले को महिला को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चत करने के निर्देश दिए हैं।
महिला समिति से जोड़कर दिलाया काम
ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री का संदेश मिलने के बाद अर्चना सिंह ने मंजू दुबे नाम की इस महिला का पता लगाया और अपने घर से राशन व कुछ रुपए उपलब्ध कराते हुए इलेक्ट्रॉनिक सिलाई मशीन भी उपलब्ध कराई। मंजू को महिला समिति से जोड़ा गया, ताकि उसे काम मिलता रहे और परिवार पालने के लिए आमदनी होती रहे। महिला को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरु की गई है। इसके साथ ही जिला खाद्य अधिकारी स्वाति जैन ने राशन कार्ड में महिला व उसके परिवार का नाम जोड़कर उन्हें हर महीने राशन दिलाने की व्यवस्था कराई।
आत्मनिर्भर बनने की इच्छा 
लॉकडाउन में आमदनी बंद होने से आर्थिक संकट झेल रही मंजू को मदद देने के साथ महिला समिति से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने पर मंजू ने कहा- कि उन्हें खुशी इस बात की है कि ट्वीट के बाद तुरंत मदद की प्रक्रिया शुरू हो गई। मंजू ने कलेक्टर से भी आत्मनिर्भरता के लिए मदद मांगी, जिस पर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जीवन में संकट के कई दौर देख चुकी मंजू अपनी बेटी और बेटे को पढ़ाकर काबिल बनाना चाहती है, ताकि उनकी तरह बच्चों को जीवन में आर्थिक संकट से हर रोज दो-चार न होना पड़े। इधर पूर्व नपा अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के संदेश के बाद व्यक्तिगत तौर पर जो मदद बन सकती थी, हमने आज ही कर दी। इसके साथ ही प्रशासन से बात कर महिला की और मदद भी कराई जा रही है।
 

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