Panna News: गर्मियों में वन अग्नि रोकने दक्षिण वनमण्डल में फायरलाइन का कार्य जोरों पर

गर्मियों में वन अग्नि रोकने दक्षिण वनमण्डल में फायरलाइन का कार्य जोरों पर
दक्षिण वनमण्डल पन्ना के सभी वन परिक्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से फायरलाइन अग्निरोधी रेखा कटाई-जलाई का कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया में लंबी पट्टियों में सूखी झाडिय़ां घास काटकर तथा गिरे सूखे पत्तों को एकत्रित कर नियंत्रित तरीके से जलाया जा रहा है।

Panna News: दक्षिण वनमण्डल पन्ना के सभी वन परिक्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से फायरलाइन अग्निरोधी रेखा कटाई-जलाई का कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया में लंबी पट्टियों में सूखी झाडिय़ां घास काटकर तथा गिरे सूखे पत्तों को एकत्रित कर नियंत्रित तरीके से जलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जंगल में जमा अतिरिक्त ज्वलनशील सामग्री को कम करना है ताकि गर्मियों में लगने वाली संभावित भीषण वनाग्नि को फैलने से रोका जा सके। वनमण्डल स्तर पर फायरलाइन निर्माण के लिए पिछले तीन वर्षों के वनाग्नि अलर्ट डेटा का विश्लेषण किया गया है। बार-बार आग की घटनाओं या अधिक अलर्ट वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से फायरलाइन सुदृढ़ की जा रही है। यह कार्य रिस्क आधारित योजना के तहत हो रहा है जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में आग रोकथाम अधिक प्रभावी बने। हाल ही में वनमण्डल अधिकारियों ने शाहनगर, मोहन्द्रा, कल्दा-सलेहा, रैपुरा और पवई सहित सभी परिक्षेत्रों में कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। अधिकारी एवं वन अमला सतर्क हैं और समयबद्ध कार्य पूरा करने में जुटे हैं। वन क्षेत्र में अग्निरोधी रेखाएँ वनखंड सीमाओं, सडक़ों के दोनों और पौधारोपण क्षेत्रों के चारों ओर तथा वनमण्डल जिला सीमाओं पर बनाई जा रही हैं। इससे आग सीमित क्षेत्र में ही नियंत्रित रहे और बड़े जंगल या गाँवों तक न फैले।

फायरलाइन के पीछे वैज्ञानिक सिद्धांत

यह रणनीति ईंधन नियंत्रण पर आधारित है। आग के लिए ऑक्सीजन, ताप और ईंधन जरूरी होते हैं। फायरलाइन से सूखी घास-पत्ते हटाने पर आग का फैलाव रुकता है तथा ऊष्मा स्थानांतरण बाधित होता है जिससे भविष्य की आग आसानी से नियंत्रित हो सके।

Created On :   16 Feb 2026 1:57 PM IST

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