- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- पुणे
- /
- स्मार्ट पुणे, ओवर स्मार्ट बजट…
Pune City News: स्मार्ट पुणे, ओवर स्मार्ट बजट…

भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे मनपा ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 13,995 करोड़ रुपए का ओवर स्मार्ट बजट पेश किया। बजट में न तो आय बढ़ाने के कोई ठोस उपाय किए गए हैं और न ही पिछले साल तय किए गए लक्ष्य पूरे हो सके हैं। पिछले बजट में संपत्ति कर और निर्माण अनुमति शुल्क के जरिए तय किया गया लक्ष्य अभी कोसों दूर है।
2024-25 की तुलना में चालू वित्त वर्ष में निर्माण अनुमति शुल्क में एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा घाटा होने जा रहा है। ऐसी स्थिति में 2026-27 के लिए पेश बजट में संपत्ति कर और निर्माण शुल्क की आय लगभग एक हजार करोड़ से बढ़ाई गई है। साथ ही मनपा की आय में सरकारी अनुदान का हिस्सा 934 करोड, अन्य स्त्रोत 1203 करोड़ और ऋण 500 करोड़ दिखाया गया है। कुल मिलाकर मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम ने फुगावे का बजट पेश किया है।
आयुक्त ने आगामी वित्त वर्ष के लिए लगभग 14 हजार करोड़ रुपए (13,995 करोड़) का अनुमानित बजट पेश किया। पिछले साल के बजट की तुलना में यह 1,377 करोड़ रुपए ज्यादा का बजट है। मनपा चुनाव और चुनाव बाद समितियों के चुनाव में हुई देरी के कारण इस बार बजट देरी से पेश हुआ है। बजट में मनपा में शामिल 32 गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।
पिछले साल मनपा द्वारा पेश किए गए 12,618 करोड़ रुपए के बजट में मनपा को संपत्ति कर के जरिए 2,847 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य दिया गया था। बाद में यह लक्ष्य बढ़ाकर 3250 करोड़ रुपए राजस्व का कर दिया गया था। आय बढ़ाने के लिए बाद में मनपा ने अभय योजना भी शुरू की। उसके बावजूद खजाने में संपत्ति कर से अब तक केवल 2800 करोड़ रुपए आय हुई है, इसमें अभय योजना से हुई आय लगभग 800 करोड़ रुपए की आय शामिल है। ऐसे में संपत्ति कर के जरिए चालू वित्त वर्ष में केवल दो हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो लक्ष्य से 800 करोड़ रुपए कम है।
दूसरी तरफ, मनपा की आय का दूसरा मुख्य स्त्रोत निर्माण अनुमति शुल्क होता है। चालू वित्त वर्ष में निर्माण शुल्क के जरिए मनपा को लगभग 2899 करोड़ रुपए आय का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अभी तक केवल लगभग 1700 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है। मनपा प्रशासन द्वारा भूमि अभिलेख विभाग द्वारा हाल ही में जारी आदेश के कारण एक हजार करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में इस साल मनपा बजट में संपत्ति कर के जरिए 3352.40 करोड़ और निर्माण अनुमति शुल्क के जरिए 3,406 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है, जिसे व्यावहारिकता से काफी दूर बताया जा रहा है। बजट में सड़क, जलापूर्ति, जल निकासी और यातायात जैसी नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
जलापूर्ति के लिए 2,077 करोड़, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 1,390 करोड़, ड्रेनेज के लिए 1,216 करोड़, स्वास्थ्य के लिए 887 करोड़ और यातायात सुधार के लिए लगभग 740 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
जलापूर्ति के लिए 2077 करोड़
27 पानी की टंकियां बनाएंगे- बजट में मनपा जलापूर्ति विभाग के लिए पूंजीगत और राजस्व व्यय को मिलाकर कुल 2 हजार 77 करोड़ 43 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें समान जलापूर्ति योजना को शहर सीमा में आए गांवों में लागू करना शामिल है। बजट में बावधन में पानी की पांच टंकियों का निर्माण और 35 किमी लाइन, सुस और म्हालुंगे में छह पानी की टंकियां और 77 किमी पानी की मुख्य लाइन, लोहगांव-वाघोली में 450 किमी पानी की लाइन और 13 पानी की टंकियों के निर्माण, शेवालेवाड़ी में पानी की तीन टंकियां बनाना और 33.50 किमी लाइन, केशवनगर-मुंढवा जोन में 16.50 किमी लाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ शहर में 100 किमी लंबी नई लाइन बिछाना, पानी की बर्बादी रोकने के लिए 35 हजार नए पानी के मीटर लगाने जैसे काम भी जोड़े गए हैं।
ड्रेनेज के लिए 1,216 करोड़
100 किमी लंबी ड्रेनेज लाइन बिछेंगी- ड्रेनेज विभाग के लिए पूंजीगत और राजस्व कार्यों के लिए कुल 1 हजार 216 करोड़ 48 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें सीवरेज मास्टर प्लान के अनुसार पुरानी ड्रेनेज लाइनों को बदलना, नए सिरे से 100 किमी लंबी ड्रेनेज लाइन बिछाना, ड्रेनेज लाइनों की देखभाल और मरम्मत आदि कार्य शामिल किए गए हैं। येरवड़ा स्थित मेंटल हॉस्पिटल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए सात करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 1390 करोड़
गीले कचरे का नया प्लांट बनेगा- ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के लिए पूंजीगत और राजस्व मद में लगभग 1,390 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें शहर में उत्पन्न होने वाले गीले कचरे में से 300 मीट्रिक टन कचरे के प्रसंस्करण के लिए सीबीजी प्लांट स्थापित करना, कचरा हस्तांतरण केंद्रों को आधुनिक बनाना, कचरा उठाकर उसके परिवहन के लिए (पांच साल) वाहन किराए पर लेने के साथ सफाई कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि करने का निर्णय शामिल है।
ट्रैफिक सुधार के लिए 740 करोड़
चांदनी चौक-भूगांव रोड बनेगी, ग्रेड सेपरेटर भी- शहर में यातायात नियोजन और विभिन्न परियोजनाओं के लिए बजट में लगभग 740 करोड़ 40 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें मुंढवा-महात्मा फुले चौक पर ग्रेड सेपरेटर बनाना, चांदनी चौक से भूगांव सड़क का विकास करना, विभिन्न स्थानों पर नए फ्लाईओवर या ग्रेड सेपरेटर का निर्माण करना, साखर संकुल के पास फ्लाईओवर का निर्माण और तलजाई से पांचगांव के बीच सुरंग और कोथरूड से पाषाण पंचवटी के बीच सुरंग निर्माण के लिए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा मुठा नदी पर शिवने से नांदेड़ को जोड़ने वाले पुल का निर्माण, पुणे-मुंबई रेलवे मार्ग के नीचे खड़की स्थित दो भूमिगत मार्गों का चौड़ीकरण करना और नगर रोड और सोलापुर रोड पर पैदल चलने वालों के लिए सबवे का निर्माण करना आदि का जिक्र भी बजट में किया गया है।
पीएमपी के लिए 592.22 करोड़
बीओटी पर डिपो और वाणिज्यिक परिसर बनाएंगे- पीएमपीएल के सुतारवाड़ी-पाषाण और निगड़ी भक्ति-शक्ति डिपो पर बीओटी आधार पर डिपो निर्माण के साथ वाणिज्यिक परिसर का निर्माण करने और उसके माध्यम से आय जुटाने की योजना बनाई गई है। पीएमपी डिपो और संपत्तियों में ई-चार्जिंग स्टेशन और सौर पैनल स्थापित करने के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी योजना है। 2025-26 के बजट में पीएमपी के परिचालन घाटे के लिए 484.96 करोड़ और कर्मचारियों को सातवे वेतन आयोग की तीसरी किस्त देने के लिए 84.15 करोड़ समेत कुल 569.91 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
नदी संरक्षण के लिए 11 एसटीपी शुरू करने का संकल्प
राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत जायका के अंतर्गत शहर में 11 एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाए जा रहे हैं। इनमें से पांच एसटीपी का काम अंतिम चरणों में है। इस साल ड्रेनेज विभाग के लिए बजट में 1,216 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मनपा प्रशासन ने इस वित्तीय वर्ष में सभी प्लांट शुरू करने का दावा किया है। इसके अलावा 53.5 किलोमीटर लंबी मुख्य सीवेज लाइनों का काम पूरा करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
हर गांव में बनेगी एक-एक सड़क
बजट में मनपा में शामिल हुए नए 32 गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें मनपा में शामिल सभी गांवों में एक-एक मुख्य सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क निर्माण के वक्त आदर्श फुटपाथ और बरसाती नाले भी बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में अलग से 103.33 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 400 करोड़ रुपए
रोड नेटवर्क 10 फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य- मनपा बजट में इस साल सड़कों के निर्माण पर फोकस किया गया है। मनपा आयुक्त ने बताया कि शहर में सड़कों का जाल 10 फीसदी तक बढ़ाने के लिए इस साल लगभग 68 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में शहर में 2400 किलोमीटर लंबाई की सड़कें है। भूमि अधिग्रहण नहीं होने से कई का काम रुका है। आयुक्त ने बताया कि इस साल सड़कों के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण के लिए अलग से 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राशि का उपयोग केवल भूमि अधिग्रहण के लिए किया जाएगा। आयुक्त ने दावा किया कि पहली बार मनपा बजट में भूमि अधिग्रहण के लिए अलग से 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बजट में दावा किया गया है कि इस साल शहर की 32 में से 12 मिसिंग लिंक बनाई जाएंगी।
वेतन पर खर्च होंगे 3,881 करोड़
मनपा बजट में सेवक वर्ग के लिए करीब 3,881 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कुल बजट का 28 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च किया जाएगा। उसके बाद बजट में सबसे ज्यादा भांडवली और विकास कार्यों के लिए 5,991 करोड़ रुपए (40 फीसदी) का प्रावधान किया गया है।
Created On :   10 March 2026 2:36 PM IST











