Pune City News: जिले की 7 पंचायत समितियों पर महिलाराज, 13 में से 10 पर राष्ट्रवादी का कब्जा

जिले की 7 पंचायत समितियों पर महिलाराज, 13 में से 10 पर राष्ट्रवादी का कब्जा
जिला परिषद चुनाव में बड़ी जीत के बाद पंचायत समितियों में भी राष्ट्रवादी का प्रभाव कायम

भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे जिले की 13 में से सात पंचायत समितियों पर महिलाराज आया है। इन सात पंचायत समितियों का संचालन अब महिलाएं करेंगी। पंचायत समितियों में यह एक बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। एक तरफ महिलाओं का राज है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस ने अपना प्रभाव दिखाया है और इसमें उन्हें चिट्‌ठी (अपक्ष समर्थन) की भी अच्छी मदद मिली है। इसके अलावा, पुणे जिले की 13 में से अधिकतम 10 पंचायत समितियों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस का परचम लहराया है। भोर पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों के चुनाव में चिट्‌ठी ने भी राष्ट्रवादी कांग्रेस का समर्थन किया है। इस कारण अप्रत्याशित रूप से यह पंचायत समिति राष्ट्रवादी कांग्रेस को मिली है। लेकिन भाजपा नेता और पूर्व विधायक संग्राम ठोपटे का भोर पंचायत समिति में भाजपा की सत्ता लाने का सपना चिट्‌ठी की वजह से पूरा नहीं हो सका।

बाकी तीन पंचायत समितियों में से प्रत्येक पंचायत समिति इस प्रकार अलग-अलग पार्टी को मिली है। एक भाजपा को, एक शिवसेना को और एक शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे पक्ष को। यानी दौंड पंचायत समिति पर भाजपा, जुन्नर पंचायत समिति पर शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे पक्ष और खेड़ पंचायत समिति पर शिवसेना की सत्ता स्थापित हुई है। महिलाओं के नेतृत्व वाली पंचायत समितियों में जुन्नर, शिरूर, खेड़, मावल, भोर, मुलशी और वेल्हे शामिल हैं।

हवेली : युवराज काकड़े अध्यक्ष - विद्या गायकवाड़ उपाध्यक्ष

हवेली पंचायत समिति पर राष्ट्रवादी कांग्रेस का पचरम लहराया है। अपक्ष समर्थन के कारण सत्ता स्थापना संभव हुई। अध्यक्ष पद पर युवराज हीरामण काकड़े और उपाध्यक्ष पद पर अपक्ष सदस्य विद्या दत्तात्रय गायकवाड़ को निर्विरोध चुना गया। हवेली पंचायत समिति पर सत्ता स्थापित करने के लिए ७ सदस्यों का ‘मैजिक फिगर’ आवश्यक था। चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस ने ६ सीटों पर जीत हासिल की थी। इसलिए सत्ता स्थापित करने के लिए केवल एक सीट का ही खेल राष्ट्रवादी कांग्रेस के सामने था। विद्या दत्तात्रय गायकवाड़ ने राष्ट्रवादी कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की। उनके समर्थन से राष्ट्रवादी कांग्रेस की संख्या 7 पर पहुंच गई और हवेली पंचायत समिति पर सत्ता का मार्ग साफ हुआ। इस राजनीतिक रणनीति के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस ने अपक्ष विद्या गायकवाड़ को उपाध्यक्ष पद का अवसर देकर पंचायत समिति अपने कब्जे में ले ली। इस निर्णय के बाद हवेली तालुका में आगामी राजनीतिक समीकरण बदलने वाले हैं।

बारामती : किरण तावरे अध्यक्ष - शुभांगी आगवणे उपाध्याक्ष

पुणे जिले की राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाने वाली बारामती पंचायत समिति के अध्यक्ष पद पर सांगवी क्षेत्र से किरण तावरे निर्वाचित हुए हैं। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए गुणवड़ी पंचायत समिति से शुभांगी सुनील आगवणे को निर्विरोध चुना गया। बारामती तहसील, राज्य के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार का मजबूत गढ़ माना जाता है, इसलिए पंचायत समिति की ये नियुक्तियां राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। नए अध्यक्ष किरण तावरे, पणदरे गुट से पंचायत समिति सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए हैं। उनके स्थानीय अनुभव, संगठनात्मक कौशल और सामाजिक कार्य में सक्रियता को देखते हुए उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किरण तावरे ने इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में संजय गांधी निराधार योजना समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।

- किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करेंगे : अध्यक्ष चुने जाने के बाद किरण तावरे ने ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा और पंचायत समिति के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में कटिबद्ध रहेंगे।

खेड़ : विद्या मोहिते अध्यक्ष मंगेश सावंत उपाध्यक्ष

खेड़ पंचायत समिति में ठाकरे शिवसेना की विद्या सयाजी मोहिते को अध्यक्ष और मंगेश गुलाब सावंत को उपसभापति चुना गया। पंचायत समिति में कुल 16 सदस्य हैं, जिनमें शिवसेना के 9, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 6 और शिंदे सेना का 1 सदस्य शामिल है। चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से सभापति पद के लिए अश्विनी तरस और उपसभापति पद के लिए निखिल थोरवे ने नामांकन किया था। दोनों को 7-7 वोट ही प्राप्त हुए।

राजगड़ : सुवर्णा राऊत अध्यक्ष, संदीप खुटवड़ उपाध्यक्ष

राजगड़ तहसील में राष्ट्रवादी कांग्रेस के पूर्ण बहुमत के साथ नई तहसील नेतृत्व की घोषणा हो गई है। तहसील सभापति के पद पर सुवर्णा किरण राऊत और उपसभापति के पद पर संदीप लहू खुटवड़ को निर्विरोध चुना गया है। तहसील में कुल चार सीटों में से राष्ट्रवादी कांग्रेस ने तीन सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया, जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई है। दोनों उम्मीदवारों ने समय पर अपना उमेदवारी अर्ज दाखिल किया। अन्य किसी उम्मीदवार ने अर्ज नहीं भरा, इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया के नियमों के अनुसार अधिकारियों ने सुवर्णा राऊत और संदीप खुटवड़ को निर्विरोध विजयी घोषित किया।

मुलशी : मंदा शेलके अध्यक्ष - दगड़ू करंजावणे उपाध्यक्ष

मुलशी तहसील में सभापति पद पर अजित पवार गुट की मंदा बाबाजी शेलके निर्विरोध चुनी गईं, जबकि उपसभापति पद पर शरद पवार गुट के दगड़ू करंजावणे ने जीत हासिल की। पंचायत समिति चुनाव में त्रिशंकू परिणाम के बाद लंबे समय तक अटकलों और चर्चाओं का विषय बना रहा। लेकिन अंततः दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों ने मिलकर सत्ता पर कब्जा किया। नवीनतम चुनाव में अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी पार्टी को 3 सीटें, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी पार्टी को 2 सीटें और भाजपा को 1 सीट प्राप्त हुई थी। मुलशी पंचायत समिति में अध्यक्ष का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। राज्य में महायुति सरकार होने के बावजूद भाजपा के एक सदस्य वाघमारे के समर्थन से सत्ता बनाने के विकल्प पर भी विचार चल रहा था।

भोर : मनीषा कंक सभापति और विशाल कोंडे उपसभापति

भोर पंचायत समिति में राष्ट्रवादी और भाजपा के चार-चार सदस्य होने से स्थिति बराबरी की हो गई थी। दोनों पक्षों की ओर से तोड़फोड़ के प्रयास भी हुए, लेकिन सफल नहीं रहे। अंततः पीठासीन अधिकारी ने चिट्ठी से फैसला किया, जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवारों को किस्मत का साथ मिला। मनीषा कंक सभापति और विशाल कोंडे उपसभापति चुने गए।

नाराज हुई भाजपा उम्मीदवार गीता अंबवले

भाजपा उम्मीदवार गीता अंबवले ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन चव्हाण के नाम की आधिकारिक घोषणा के बावजूद अंबवले ने अपना फॉर्म भरा। उन्हें उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे नाराज होकर वे सभागृह से बाहर चली गईं। कुछ समय बाद जब अंबवले वापस आईं, तो भाजप कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष और हड़कंप मच गया।

इंदापुर : हर्षवर्धन लोंढे अध्यक्ष - जयकुमार कारंडे उपाध्यक्ष

इंदापुर पंचायत समिति में अध्यक्ष पद पर हर्षवर्धन मधुकर लोंढे (लासुर्णे) और उपाध्यक्ष पद पर जयकुमार गोपाल कारंडे को निर्विरोध चुना गया। पंचायत समिति के सभी 16 सदस्य इस प्रक्रिया में उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला आपूर्ति अधिकारी पुणे तथा पिठासीन अधिकारी महेश सुधलकर की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई। इस दौरान तहसीलदार जीवन बनसोड़े और गट विकास अधिकारी सचिन खुडे भी उपस्थित रहे।

Created On :   10 March 2026 2:51 PM IST

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