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बिरसिंहपुर न्यूज: पिपरीटोला के सिद्ध मौनी बाबा आश्रम के संस्थापक संत मौनी बाबा का देवलोक गमन

डिजिटल डेस्क बिरसिंहपुर/सतना _पिपरीटोला स्थित प्रसिद्ध सिद्ध मौनी बाबा आश्रम के संस्थापक एवं पूज्य देवरहा बाबा के परम शिष्य संत मौनी बाबा का गुरुवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त में 82 वर्ष की आयु में देवलोक गमन हो गया। उनके साकेतवास की खबर मिलते ही पिपरीटोला सहित बिरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं अनुयायी आश्रम पहुंचकर महाराज जी के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त संत मौनी बाबा अपने त्यागमय जीवन, तपस्या और सहज-हंसमुख स्वभाव के लिए क्षेत्र में विशेष रूप से श्रद्धा के केंद्र रहे। बताया जाता है कि वर्ष 1980 में अज्ञातवास से निकलने के बाद वे चित्रकूट की तपोभूमि पहुंचे, जहां उन्होंने लगातार 12 वर्षों तक कठिन मौन साधना की। उनकी साधना, सरलता और आध्यात्मिक जीवन से प्रभावित होकर दूर-दूर से श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए आश्रम पहुंचते रहे।
संत समाज की मौजूदगी में वैदिक रीति से अंतिम संस्कार
महाराज जी के अंतिम दर्शन के बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान परमहंस आश्रम धारकुंडी, सरभग आश्रम, सुतीक्ष्ण आश्रम, सग्गर बाबा आश्रम, त्यागी आश्रम एवं मचखड़ा आश्रम सहित विभिन्न आश्रमों से पहुंचे संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। संत समाज और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संपूर्ण वैदिक रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दी अंतिम विदाई
संत मौनी बाबा के अंतिम दर्शन एवं अंतिम यात्रा में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु शामिल हुए। पूर्व नगर अध्यक्ष पंडित राज किशोर गौतम, सरपंच प्रमोद पांडेय, समाजसेवी राजेश द्विवेदी, केदार अग्रवाल, वार्ड पार्षद मुकेश गौतम, राकेश सिंह, सुशील अग्रवाल, विनय त्रिपाठी, पिंटू अग्रवाल, ब्रजेश तिवारी, अमन पांडेय, गया प्रसाद द्विवेदी और कल्लू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों लोगों ने उन्हें भावभीनी अंतिम विदाई दी।
संत मौनी बाबा के देवलोक गमन से क्षेत्र ने एक तपस्वी, संत और आध्यात्मिक मार्गदर्शक को खो दिया। उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं ने उनके बताए सेवा, साधना और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
Created On :   10 Sept 2026 4:25 PM IST









