यशवी नवरात्रि 3.0: सूरत में गरबा का नया इतिहास, सेवा का भी अनूठा संगम

सूरत में गरबा का नया इतिहास, सेवा का भी अनूठा संगम

सूरत (गुजरात) [भारत], 23 अक्टूबर: सूरतवासियों के लिए इस वर्ष की नवरात्रि वास्तव में ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और दिव्य रही। गुजरातभर में चर्चा का विषय बना दस दिवसीय भव्य गरबा महोत्सव यशवी नवरात्रि 3.0 (YASHVI NAVRATRI 3.0) अद्भुत उत्साह, दान-पुण्य और भव्य सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस महोत्सव ने सूरत के सांस्कृतिक इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।

भव्य आयोजन और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां

सूरत में आयोजित इस भव्य महोत्सव में 700 x 200 फीट के विशाल जर्मन एसी डोम का निर्माण किया गया था। इतने विशाल परिसर में प्रतिदिन 12,000 से अधिक उत्साही गरबा खेलने वालों ने पूरे उत्साह के साथ गरबा खेलकर मां अंबे की आराधना की। इस वर्ष के आकर्षण की बात करें तो सूरत में दो साल बाद लोकप्रिय कलाकार पूर्वा मंत्री ने अपनी खास शैली में गरबा की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा, लंबे समय बाद गरबा क्वीन फाल्गुनी पाठक की उपस्थिति ने सूरत के गरबा प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दस दिनों के दौरान प्रतिदिन 55 से अधिक कलाकारों और उत्साह बढ़ाने वाले पुणेरी ढोल की थाप से पूरा वातावरण भक्तिमय, ऊर्जावान और संगीतमय बना रहा।


शानदार व्यवस्थाएं और सुरक्षा

गरबा खेलने वालों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आयोजकों ने बेहतरीन और सटीक व्यवस्थाएं की थीं।

महिला सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष 'SHE Team' तैनात की गई थी।

स्वास्थ्य और सुरक्षा: मेडिकल उपकरणों से लैस टीम, एम्बुलेंस और अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त एवं बेहतर व्यवस्थाएं की गई थीं।

अन्य सुविधाएं: विशाल पार्किंग क्षेत्र, मेकअप रूम, टेलरिंग की सुविधा और खान-पान के शौकीनों के लिए बनाए गए करीब 40 आकर्षक फूड स्टॉल्स ने महोत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया।

गरबा के साथ सेवा का अनूठा संगम

यह नवरात्रि महोत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा का एक उत्कृष्ट माध्यम भी बना।

यशवी ग्रुप के संस्थापक परेश खंडेलवाल अपनी प्यारी बेटी “यशवी” की याद में मानवता और सेवा के लिए 'यशवी फाउंडेशन' के माध्यम से लगातार अनेक सेवाकार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में संचालित 'यशवी एंटरटेनमेंट' पिछले तीन वर्षों से नवरात्रि का बेहद सफल आयोजन करता आ रहा है।

परेश खंडेलवाल ने इस अवसर को एक कदम आगे बढ़ाते हुए पहली नवरात्रि से ही उन लोगों तक पहुंचने का सराहनीय प्रयास किया, जो आमतौर पर समाज से वंचित रह जाते हैं। समाज की मुख्यधारा से दूर रहने वाले विभिन्न समुदायों के लोगों को इस महोत्सव में आमंत्रित किया गया। इनमें शामिल थे:

  • वृद्धाश्रम के बुजुर्ग
  • एचआईवी से प्रभावित व्यक्ति
  • थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे
  • किन्नर समाज
  • दिव्यांग बच्चे

इन सभी विशेष अतिथियों को नवरात्रि के पूरे दस दिनों तक सम्मानपूर्वक महोत्सव में आमंत्रित करने और लाने-ले जाने की विशेष व्यवस्था की गई थी। उन्हें गरबा परिसर में सम्मानजनक स्थान देकर समाज में समानता और स्नेह का संदेश दिया गया। महोत्सव के प्रत्येक पास के साथ सेवा का संकल्प जोड़ा गया था। इसके माध्यम से एकत्रित सहयोग अनेक जरूरतमंदों के जीवन में आशा की किरण बना है।

यशवी नवरात्रि गरबा खेलने वालों के लिए केवल गरबा खेलने का स्थान नहीं, बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव है। यहां गरबा प्रेमियों को सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं और व्यवस्थाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाती हैं। हर वर्ष गरबा खेलने वालों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का यशवी एंटरटेनमेंट का निरंतर प्रयास रहा है। इसी वजह से यह महोत्सव सूरत के युवाओं और गरबा प्रेमियों की पहली पसंद बन गया है।

सूरत के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ यह 'यशवी नवरात्रि 3.0' महोत्सव गरबा खेलने वालों, आयोजकों और सूरत की विशाल जनता के भरपूर सहयोग से पूरी तरह सफल रहा। इस महोत्सव की सुखद यादें सूरतवासी लंबे समय तक संजोकर रखेंगे और आने वाले वर्षों में इससे भी भव्य आयोजन की उम्मीद करेंगे।

Created On :  

Next Story