उमरिया न्यूज: तीन करोड़ रुपए की धान गड़बड़ी के मामले में मिलर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी में प्रशासन

तीन करोड़ रुपए की धान गड़बड़ी के मामले में मिलर्स पर शिकंजा कसने की तैयारी में प्रशासन
डीके राइस मिल बसकुटा में हुई थी संदेहास्पद आग लगने की घटना, जांच में हुआ खुलासा

भास्कर न्यूज़, उमरिया। ​मानपुर तहसील के बसकुटा स्थित डी.के. राइस मिल में गत 9 जुलाई को लगी आग की घटना के बाद प्रशासन की जांच में एक बड़ा और सनसनीखेज धान घोटाला उजागर हुआ है। आग लगने की इस आड़ में मिल से 7361 क्विंटल धान कीमत लगभग तीन करोड़ गायब मिलने और वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने पर कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा ने मिल संचालक दीपक गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 09 जुलाईकी शाम करीब 7:40 बजे डी.के. राइस मिल बरकुटा में आग लगने की सूचना पर जिला आपूर्ति अधिकारी, नायब तहसीलदार बरकुटा, सहकारिता विभाग के अधिकारियों, राजस्व अमले और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था।

​स्टॉक सत्यापन से हुआ खुलासा

​जांच में जब प्रशासनिक टीम ने मिल के स्टॉक और अभिलेखों की भौतिक जांच की तो भारी गोलमाल सामने आया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मिल संचालक को 17 रिलीज ऑर्डर (आरओ) के तहत कुल 7361 क्विंटल धान का उठाव करना था, जिसके एवज में एक भी सीएमआर चावल या सुरक्षित धान का स्टॉक मिल परिसर में नहीं मिला। मिल संचालक द्वारा पूछताछ में बताया गया कि आग सुबह साढ़े नौ बजे लगी थी लेकिन उन्होंने या उनके परिजनों ने नागरिक आपूर्ति निगम के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी सूचना नहीं दी, बल्कि केवल डायल 112 के जरिए फायर ब्रिगेड बुलाई गई।

​ब्लैक लिस्टेड व जुर्माने की तैयारी

​खाद्य विभाग ने इसे मध्यप्रदेश चावल उपार्जन आदेश 1970 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए आपराधिक कृत्य करार दिया है। कलेक्टर कार्यालय ने मिल संचालक को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनका मिल का लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए और उठाई गई कुल धान की निर्धारित दर से 59 गुना राशि की वसूली की जाए। तय समयसीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिससे जिले के अन्य राइस मिलर्स में भी हड़कंप मच गया है।


Created On :   3 Aug 2026 2:47 PM IST

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