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मोबाइल कंपनियों के एरिया डिस्ट्रीब्यूटर के आवास में आईबी का छापा, सवा करोड़ सरेंडर

मोबाइल कंपनियों के एरिया डिस्ट्रीब्यूटर के आवास में आईबी का छापा, सवा करोड़ सरेंडर

सतना के स्टेट जीएसटी की एटी एवीजन की टीम ने विंध्यनगर के जयनगर स्थित आवास पर 15 सदस्यीय टीम की कार्रवाई से हड़कंप
डिजिटल डेस्क  सिंगरौली(वैढऩ)।
टैक्स की चोरी के मामले में स्टेट जीएसटी के एटी एवीजन की टीम ने मोबाइल कंपनियों के रिचार्ज के एरिया डिस्ट्रीब्यूटर राजेश सिंह पर शिकंजा कसा है। राज्यकर विभाग की टीम 15 सदस्यीय ने एरिया डिस्ट्रीब्यूटर के विंध्यनगर के पास जयनगर कॉलोनी स्थिति आवास पर छापामार कार्रवाई करते हुये 1 करोड़ 25 लाख की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। राज्यकर अधिकारी ने बताया कि एरिया डिस्ट्रीब्यूटर ने वित्तीय वर्ष 2018 से लेकर 2021 तक जीएसटीआर वन और थ्री का रिटर्न फाइल नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि कारोबारी द्वारा लंबे समय से रिटर्न फाइल नहीं करने के कारण जबलपुर से कार्रवाई के लिये इनपुट मिला था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कारोबारी ने व्यवसाय करने के बाद टैक्स की चोरी की है। राज्यकर विभाग की टीम द्वारा सवा करोड़ की लायबिलटी तय करने के बाद टैक्स चोरी को स्वीकार कर लिया है। इस पर एबी की टीम ने डीसीआर 3 के तहत लायबिलिटी तय करते हुये कारोबारी से राशि सरकारी खजाने में जमा कराई है। जिले में एक माह के अंदर सतना आईबी की जयंत के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जबलपुर और कटनी तक फैला है कारोबार
एबी की रेड के बाद की गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि एरिया डिस्ट्रीब्यूटर का कारोबार कटनी और जबलपुर तक फैला हुआ था। राज्यकर अधिकारी ने बताया कि वैढऩ से एरिया डिस्ट्रीब्यूटर कटनी और जबलपुर के मोबाइल रिचार्ज के दुकानदारों को सेवाएं प्रदान की जा रही थीं। इसके चलते कटनी और जबलपुर के कारोबारियों के बीच बड़ी राशि का भी लेनदेन हुआ है। यहां से अन्य जिलों में कारोबार फैला होने के बाद भी एरिया डिस्ट्रीब्यूटर ने टैक्स लायबिलिटी से बचने के लिये रिटर्न दाखिल नहीं किया था।
एबी ने 7 घंटे तक खंगाले रिकार्ड
सतना की स्टेट जीएसटी की एंटी एवीजन की टीम ने एरिया डिस्ट्रीब्यूटर के आवास पर दबिश देकर 7 घंटे तक रिकार्ड खंगाले हंै। एबी के अधिकारी ने बताया कि कारोबारी द्वारा 2018 से लगातार व्यवसाय करने के बाद भी टैक्स की चोरी की थी। उन्होंने बताया कि जांच के बाद कारोबारी के खिलाफ जीएसटी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एबी अफसर का कहना है कि प्रकरण दर्ज होने के बाद कारोबारी ने टैक्स चोरी की लायबिलिटी को स्वीकार करते हुये 1.25 करोड़ सरेंडर कर दिया है।
लेनदेन का किया एसेंसमेंट
आईबी की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुये फर्म के लेनदेन का भी एसेंसमेंट किया है। राज्यकर अधिकारी ने बताया कि एसेंटमेंट में सिंगरौली से जबलपुर और कटनी के कारोबारियों को सेवा प्रदाय कर लेनदेन करने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते स्टेट गुड्स टैक्स की कारोबारी पर लायबिलिटी तय की गई है। उन्होंने बताया कि कारोबारी द्वारा राशि सरेंडर किये जाने के बाद फर्म के रिकार्ड जब्त नहीं किये गये हैं। इस छापामार कार्रवाई में स्टेट जीएसटी के एंटी एवीजन सतना के राज्यकर अधिकारी विकास अग्रवाल, नवीन दुबे, सुरेश साकेत, विजय पांडेय, निरीक्षक वीरेन्द्र निगम, हेमंत रावते, कराधान सहायक ृमृत्युंजय तिवारी, प्रमोद शर्मा समेत वैढऩ की राज्यकर अधिकारी करूणा माथुर टीम में शामिल रहीं।
इनका कहना है 
मोबाइल कंपनियों के एरिया डिस्ट्रीब्यूटर के आवास में दबिश देकर जांच की गई है। जांच में 1 करोड़ 25 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। कारोबारी पर टैक्स चोरी की लायबिलिटी तय करने के बाद उसने इसे स्वीकार करते हुये टैक्स चोरी की राशि सरेंडर कर दी है।
-अमित पटेल, राज्यकर अधिकारी, स्टेट जीएसटी एबी सतना
 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।