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गुना: अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस ने दंपती पर भांजी लाठियां, बिलखते रहे बच्चे, सीएम ने कलेक्टर और एसपी को हटाया 

गुना: अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस ने दंपती पर भांजी लाठियां, बिलखते रहे बच्चे, सीएम ने कलेक्टर और एसपी को हटाया 

डिजिटल डेस्क, गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले के जगनपुर क्षेत्र में पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक दंपती पर जमकर लाठियां भांजी। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद देर रात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

दरअसल, यहां एक सरकारी मॉडल कॉलेज के निर्माण के लिये निर्धारित सरकारी जमीन पर एक दलित किसान दंपती ने ​कब्जा कर रखा था। पुलिस टीम दंपती के कब्जे से जमीन छुड़ाने के लिए गई तो दोनों पति-पत्नी ने इस मुहिम के विरोध में कीटनाशक पी लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दोनों पति-पत्नी को लाठियों से मारते पी​टते अस्पताल ले जाने लगे। इस दौरान दंप​ती के बच्चे पुलिसकर्मियों से उन्हें छोड़ देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक न सुनी।

पुलिसकर्मी लगातार दोनों को पीटते रहे। कथित वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिस लाठी से एक आदमी को पीट रही है और उसकी पत्नी और अन्य लोग उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें महिला भी अपने पति के ऊपर लेट जाती है और महिला पुलिसकर्मी उसे मौके से हटाते हुए नजर आ रही हैं। फिलहाल दंपती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत में सुधार है।   

पूर्व सीएम कमलनाथ ने वीडियो शेयर किया
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? ये कैसा जंगल राज है? एमपी पुलिस द्वारा गुना में एक किसान की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? ये कैसा जंगल राज है? पिटाई का मामला मंगलवार का है। लेकिन, वीडियो वायरल होने के बाद अब इस पर हलचल मच गई है।

और क्या कहा पूर्व सीएम ने?
पूर्व सीएम ने ट्वीट कर लिखा कि शिवराज के अंहकार का बेशर्म प्रदर्शन, सिंधिया के क्षेत्र की वारदात है। गुना में एक किसान परिवार की शिवराज की पुलिस ने बर्बरता से पिटाई की और महिला के कपड़े फाड़े गए, आहत किसान ने जहर खाया। उन्होंने सीएम शिवराज सवाल किया कि बच्चों की चीख सुनाई पड़ रही है..? इस अंधी, बहरी और गूंगी सरकार का अंत नजदीक है।

उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित युवक का जमीन सम्बंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे कानूनन हल किया जा सकता है, लेकिन इस तरह कानून हाथ में लेकर उसकी पत्नी की, परिजनों की व मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है?

यह सब इसलिए कि वो एक दलित परिवार से है, गरीब किसान है? क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूखदारों द्वारा कब्जा की गई हजारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिए भी शिवराज सरकार दिखायेगी? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

मामला ट्विटर पर टॉप ट्रेंड; लोगों ने लिखा- शिवराज सिंह इस्तीफा दो
गुना में पुलिस द्वारा किसान दंपती की पिटाई का वीडियो और पूरा मामला ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है। यहां पर लोग सरकार और पुलिस की आलोचना कर रहे हैं। वह लिख रहे हैं कि शिवराज सिंह इस्तीफा दो। इस मामले को लेकर हर दो मिनट में एक ट्वीट और रिट्वीट आ रहा है।

पुलिस ने लाठियां और लातें भी चलाईं
साइंस कॉलेज के लिए दी गई जमीन से कब्जा हटाने के दौरान एक दलित दंपती ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। यह घटना जगनपुर चक में मंगलवार दोपहर 2.30 बजे की है। दंपती अपने 7 बच्चों के साथ प्रशासनिक- पुलिस अफसरों के सामने हाथ जोड़ता रहा, उसका कहना था कि यह भूमि गप्पू पारदी ने उसे बटिया पर दी है। कर्ज लेकर वह बोवनी कर चुका है। अगर फसल उजड़ी तो बर्बाद हो जाएगा, लेकिन किसान की फरियाद किसी ने नहीं सुनी।

कलेक्टर ने कहा- जान जा सकती थी इसलिए बल प्रयोग किया
कलेक्टर एस विश्वनाथन ने कहा कि शहर की सीमा में सरकारी मॉडल कॉलेज के लिये एक जमीन आरक्षित थी। जमीन पर कई साल से पूर्व पार्षद गप्पू पारदी और उसके परिवार का कब्जा है। इस जमीन पर राजकुमार अहिरवार (38) और उसकी पत्नी सावित्री (35) खेत पर काम कर रहे थे। इन्हें वहां अतिक्रमणकर्ता गब्बू पारदी ने बटाई पर काम दिया था। उन्होंने बताया कि जब अधिकारियों ने इन्हें जमीन खाली करने के लिए कहा तो इन्होंने विरोध किया और गब्बू के इशारे पर दंपत्ति ने कीटनाशक पी लिया और उपचार के लिए अस्पताल जाने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे दंपत्ति की जान जा सकती थी। दंपत्ति जगह छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे और स्थिति गंभीर हो रही थी तो पुलिस ने उन्हें व अन्य लोगों को वहां से हटाने के लिये बल प्रयोग किया। इसके बाद दंपती को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी हालत अब स्थिर है।

2 लाख कर्ज लेकर की बोवनी
किसान राजकुमार का कहना था कि उसने 2 लाख कर्ज लेकर बोवनी की है। इससे पहले का भी उस पर 2 लाख का कर्ज चढ़ा हुआ है। उसने पुलिस और प्रशासनिक अमले से अपील की कि यह कब्जा बाद में हटवा लें। लेकिन, टीम ने कब्जा हटवाना शुरू कर दिया और खड़ी फसल पर जेसीबी चला दी। इसके विरोध में मैंने और पत्नी ने जहर पी लिया और जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने हम पर जबरन लाठियां भांजी हैं। वहीं राजकुमार के छोटे भाई ने कब्जा हटाने का विरोध किया तो उस पर भी लाठियां भांजी गईं। जबकि, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

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M S Thakur July 17th, 2020 05:12 IST

इस घटना से बहुत दुखी हूँ पर पुलिस आम लोगो के साथ ही ऐसा करती है जो गरीब है वहीं अत्याचार की हदें पार होती है क्या किसी नेता बिल्डर या रसूखदार दंपति का कब्जा होता है तो पुलिस ऐसे ही मारेगी उन लोगो को भी नही बल्कि कहूँगा तलवे चाटती है ऐसे लोगो के पुलिस