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Bhandara News: बच्चा बेचने के दो मामलों का खुलासा, म.प्र. और छत्तीसगढ़ के बच्चे भी हो सकते हैं शिकार !

Bhandara News जिले में चल रहे बच्चों की तस्करी के मामले के मुख्य आरोपी डॉ. नितेश बाजपेयी (34) की मेडिकल डिग्री भी बोगस होने का संदेह पुलिस ने व्यक्त किया है। पुलिस ने उस दिशा में जांच शुरू की है। गोंदिया के जिला शल्यचिकित्सक को डॉक्टर बाजपेयी के अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के बारे में पत्र दिया गया है। यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन ने सोमवार 23 फरवरी की शाम को आयोजित पत्र परिषद में दी। हसन ने बताया कि इस मामले में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बच्चे भी शामिल हो सकते हैं। जिसकी जांच की जा रही है।
इलाज के नाम पर बच्चा बेचने का मामला चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की सतर्कता से सामने आया। इस मामले में वरठी पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज होने के बाद जांच में तेजी आयी। जांच में पता चला कि इस मामले का मुख्य मास्टरमाइंड गोंदिया के न्यू बालाजी अस्पताल का संचालक डॉ. नितेश बाजपेयी है और पांच अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इनमें से डॉक्टर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार 23 फरवरी को पांढराबोड़ी की रहने वाली मालती वाघमारे नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया। सबसे पहले इसी महिला के पास बच्ची को देखा गया था। जिला पुलिस अधीक्षक नुरूल हसन ने बताया कि नितेश बाजपेयी की तीन दिन की पुलिस हिरासत खत्म हो गई है। वह न्यायालय में 11 दिन की और पुलिस कस्टडी मांगेगे। बच्ची बेचने का पहला मामला सामने आने के बाद दिसंबर में एक और बच्चा बेचा गया था।
शनिवार 21 फरवरी की रात को पुलिस ने महिला एवं बाल कल्याण समिति के अधिकारियों की मौजूदगी में दिसंबर में बेचे गए बच्चे को अपनी हिरासत में लिया है। बच्चे को 4.70 लाख रुपये में बेचा गया था। जिला पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन ने बताया कि इन बच्चों को आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद माता-पिता से खरीदा और बेचा जा रहा था। डॉक्टर बाजपेयी उनसे लाखों रुपये कमा रहा था।
बच्चा बेचने के दो मामले सामने आने के बाद और भी कई मामले सामने आने की संभावना है। डॉ. बाजपेयी का अस्पताल गोंदिया में है।
जिसकी सीमा पड़ोसी छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से लगती है। इसलिए इन राज्यों से मरीज उनके अस्पताल में आ रहे थे। इस दिशा में भी जांच भी चल रही है। इस बीच गोंदिया में जिला शल्यचिकित्सक को न्यू बालाजी अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के संबंध में एक पत्र दिया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन ने कहा कि नितेश बाजपेयी की मेडिकल डिग्री पर संदेह है। इस प्रकरण की जांच भी चल रही है। पत्र परिषद में अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे और जांच अधिकारी साकोली के उपविभागिय पुलिस अधिकारी शिवम विसापुरे मौजूद थे।
रामनगर और गोरेगांव थाने में भी मामले दर्ज : आरोपी डाक्टर पर कोविड काल में गोंदिया जिले के रामनगर और गोरेगांव थाने में भी अलग अलग धाराओं में मामला दर्ज है। आरोपी डाक्टर लंबे समय से विवादों में है।
लाखों में बेचा था : पहले मिली बच्ची को चार लाख 98 हजार 500 में बेचा गया था। उसमें से दो लाख रुपए डाक्टर ने नकद लिए। डा. बाजपेयी ने अपने खाते में 98 हजार रुपए जमा किए। एक लाख रुपए आरोपी ललेश्वरी सादेपाच के खाते में जमा किए गए। आरोपी यह अविवाहित मां तथा गरीब परिवार के लोगों को निशाना बना रहा था। बच्चों को बीमारी होने की जानकारी देकर उनसे इलाज के लिए बच्चे लेता था और बेच देता था।
खुद को एलएलबी, एलएलएम डिग्री धारक बताता है डाक्टर : डाक्टर नितेश बाजपेयी ने एमबीबीएस विदेश से किया है। विदेश से एमबीबीएस परीक्षा पास करने वाले डाक्टरों को एफएनजी परीक्षा देनी पड़ती है। पुलिस को नितेश के डिप्लोमा गायनॉकोलाजी डिग्री पर भी संदेह है। आरोपी डाक्टर एलएलबी, एलएलएम डिग्री धारक बताता है। पुलिस डाक्टर की डिग्रियों की जांच करने के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों से जानकारी जुटा रही है।
Created On :   24 Feb 2026 3:58 PM IST















