Krishnapingala Sankashti Chaturthi 2026: कब है कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हर मास की कृष्ण चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस बार 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को को पड़ रहा है। इस दिन व्रत रखने के साथ ही प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि, यह व्रत रखने से जीवन में सुख-शांति रहती है और हर प्रकार के संकट दूर होते हैं। लेकिन, ध्यान रहे यह व्रत रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य के बिना पूरा नहीं होता है। आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में...
कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी कब से कब तक
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 3 जुलाई 2026, सुबह 11:21 बजे से
चतुर्थी तिथि समाप्त: 4 जुलाई 2026, दोपहर 12:40 बजे तक
पूजन विधि
- सबसे पहले भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें।
- चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा पहले बिछाएं।
- इसके बाद श्री गणेश को जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें।
- अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें, उसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें।
- इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाएं।
- त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें। इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को रखें।
- पूजन के बाद चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें और लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।
डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग- अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।
Created On :   30 Jun 2026 10:30 PM IST








